राज्य सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत ने नगर क्षेत्र के विद्यालयों के शिक्षकों की वरिष्ठता सूची से संबंधित सूचना नहीं देने पर जिला शिक्षाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) एमएस बिष्ट पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही मुख्य शिक्षाधिकारी एसपी खाली का स्पष्टीकरण तलब कर उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए सचिव, विद्यालय शिक्षा विभाग को आदेशित किया है।
जनसंघर्ष मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी और जीवनगढ़ निवासी प्रवीन (पिन्नी) शर्मा ने सात अगस्त 2015 को लोक सूचना अधिकारी, जिला शिक्षाधिकारी प्राथमिक शिक्षा से नगर क्षेत्र के स्कूलों में तैनात शिक्षक, शिक्षिकाओं की वरिष्ठता सूची से संबंधित तीन बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी।
निर्धारित समयावधि के भीतर सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर उन्होंने मुख्य शिक्षाधिकारी एसपी खाली के यहां अपील की। लेकिन 102 दिन बीतने के बाद भी सूचना न मिलने पर उन्होंने सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया।
एक माह में जमा करनी होगी रकम
राज्य सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत के 15 जून 2016 को जारी आदेश में सूचना में विलंब के लिए लोक सूचना अधिकारी, जिला शिक्षाधिकारी प्राथमिक शिक्षा एमएस बिष्ट को दोषी मानते हुए 25,000 रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। रकम वह एक माह के भीतर राजकोष में जमा करेंगे।
इसके अलावा आयोग ने मुख्य शिक्षाधिकारी देहरादून एसपी खाली का स्पष्टीकरण भी तलब किया है। उन पर तल्ख टिप्पणी में सूचना आयुक्त ने कहा कि मुख्य शिक्षाधिकारी अनुचित आचरण और गंभीर कदाचार कर रहे हैं। उनके विरुद्ध सम्यक अनुशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता है। इसके लिए आयोग ने सचिव विद्यालय शिक्षा को आदेशित किया है।