ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। विवाहिता को तलाक का नोटिस भेजने के मामले में न्यायालय के आदेश के बाद भी डोईवाला थाने ने जांच रिपोर्ट तैयार नहीं की। इस पर कोर्ट ने थाने के रवैये पर नाराजगी जताते हुए 11 अक्तूबर तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। महिला का आरोप है उसका पति उसे छोड़कर दूसरी शादी करना चाहता है।
डोईवाला निवासी शगुफ्ता जमाल की शादी वर्ष-2002 में तेलीवाला (देहरादून) निवासी अमीर अहमद के साथ हुई थी। महिला का कहना है कि जिस वक्त अमीर के साथ उसका रिश्ता हुआ वह एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा थी। अमीर के परिजनों ने पढ़ाई छोड़ने की बात कही तो उसने पढ़ाई छोड़ दी। महिला का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद अमीर अहमद ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। बात-बात पर वह ताने देने लगा। आरोप है जुलाई में अमीर की ओर से शगुफ्ता को नोटिस भेजकर तलाक देने की बात कही। इसकी शिकायत शगुफ्ता ने पहले डोईवाला थाने से की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उसके बाद उसने अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटने शुरू किए। डेढ़ महीना बाद भी जब न्याय नहीं मिला तो उसने न्यायालय से गुहार लगाई। बीते शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एमएम पांडेय की अदालत ने डोईवाला थाने को इस मामले में सोमवार तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे। शगुफ्ता के अधिवक्ता चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि डोईवाला थाने ने इस संबंध में कोई रिपोर्ट न्यायालय नहीं भेजी है। इसके लिए अब न्यायालय ने अगली तारीख 11 अक्तूबर नियत की है।