ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
नशे के खिलाफ लड़ाई में कई आला अधिकारियों और उनके परिवारवालों ने भी भाग लिया। इस दौरान प्रशासनिक और पुलिस के कई अफसरों ने स्वयं के दमखम की परीक्षा ली। कई अफसर कसौटी पर खरे उतरे और दौड़ पूरी की। दौड़ पूरी करने वाले अफसरों को सम्मानित भी किया गया।
ड्रग्स के खिलाफ रविवार को हुई जिंदगी की दौड़ में प्रशासनिक अफसरों में सचिव डी. सेंथिल पांडियन का नाम सबसे ऊपर रहा। उन्होंने 10 किलोमीटर की दौड़ पूरी की। इसके अलावा आईपीएस अधिकारियों ने दोनों श्रेणियों में अपना दमखम दिखाया। इनमें कई आईपीएस अधिकारियों ने 21 किलोमीटर की दौड़ पूरी की। इनमें एसएसपी एसटीएफ बरजिंदर जीत सिंह, आईपीएस सुनील मीणा, एसपी रुद्रप्रयाग प्रहलाद सिंह मीणा और एसपी शिकायत प्रकोष्ठ पुलिस मुख्यालय प्रीति प्रियादर्शनी शामिल रहीं। इसके अलावा एडीजी विजिलेंस रामसिंह मीणा और डीआईजी गढ़वाल रेंज अजय रौतेला ने 10 किलोमीटर की दौड़ पूरी की। अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार और अन्य अधिकारियों के पारिवारिक सदस्यों ने भी दोनों श्रेणियों की दौड़ में हिस्सा लिया।
सबसे ज्यादा प्रतिभागी यहां से हुए शामिल
मैराथन में कई शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने भी प्रतिभाग किया था। इनमें सबसे ज्यादा प्रतिभागी एमकेपी कॉलेज और वीमेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (डब्ल्यूआईटी) के रहे। इस दौरान दोनों शिक्षण संस्थानों को सम्मानित भी किया गया।
चिल्ड्रन एकेडमी ने मारी बाजी
पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने नशे के विरुद्ध कई प्रकार के स्लोगन लिखे और पेंटिंग्स बनाई। बच्चों ने अपनी प्रतिभा से लोगों को संदेश दिया कि नशा उनके जीवन को किस प्रकार से खोखला कर देता है। पेंटिंग और स्लोगन में चिल्ड्रन एकेडमी के बच्चों ने बाजी मारी। इसके लिए उन्हें मंच पर सम्मानित किया गया।
गढ़वाली गानों पर झूमे लोग
मंच पर लोगों के मनोरंजन की भी व्यवस्था की गई थी। इस अवसर पर कई कलाकारों ने आरकेस्टा में गढ़वाली और फिल्मी गानों से लोगों का मनोरंजन किया। इस दौरान कई लोग अपने पसंदीदा गानों की फरमाइश करने लगे, इसके चलते पुलिस को कुछ देर के लिए पुरस्कार वितरण कार्यक्रम टालना पड़ा।