ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
प्राकृतिक आपदा में मारे जाने वाले पुलिसकर्मियों के मृतक आश्रितों को अब असाधारण पेंशन का लाभ मिलेगा। इसके लिए बुधवार को हुई केबिनेट की बैठक में पुलिस असाधारण पेंशन नियमावली 1961 एवं (प्रथम संशोधन) नियमावली-1975 के नियम तीन में संशोधन किए जाने का फैसला लिया गया है। अभी यह लाभ सिर्फ सशस्त्र अपराधियों व आतंकवादियों से लड़ाई में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के मृतक आश्रितों को ही मिलता है।
गौरतलब है कि पुलिस विभाग में असाधारण पेंशन नियमावली राज्यपाल के बनाए नियम से नियंत्रित होती है। इसमें डाकुओं या सशस्त्र अपराधियों के साथ लड़ाई में शहीद होने के अलावा अन्य कोई कर्तव्य परिभाषित नहीं हैं। इसके चलये ट्रैफिक ड्यूटी के दौरान गाड़ी की चपेट में आने पर मृत्यु, ड्यूटी के दौरान सड़क दुर्घटना, हृदयघात से मृत्यु के बाद उनके परिजनों को मृतक आश्रित पेंशन सुविधा का लाभ नहीं मिलता है। वहीं सामान्य ड्यूटी व प्राकृतिक आपदा में मारे जाने वाले पुलिसकर्मियों के परिजनों को भी यह लाभ नहीं मिलता है। इसके लिए अब बुधवार को मंत्रीमंडल की बैठक में उत्तर प्रदेश पुलिस असाधारण पेंशन नियमावली 1961 एवं (प्रथम संशोधन) नियमावली-1975 के नियम तीन में संशोधन करने का फैसला लिया गया है। संशोधन के बाद युद्ध व मुठभेड़ में शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों के आश्रितों के सहित अन्य कई मामलों में हताहत कर्मियों के परिजनों को भी लाभ मिलेगा। इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार अनुभाग छह द्वारा पुलिस असाधारण पेंशन नियमावली 2015 में पीएसी व अग्निशमन सेवा के कर्मचारी भी शामिल किए गए हैं।
असाधारण पेंशन नियमावली में ये रहेगी व्यवस्था
-हिंसात्मक भीड़ को नियंत्रित करने में मारे जाने पर
-प्राकृतिक आपदा में मारे जाने पर
-महत्वपूर्ण प्रशिक्षण के दौरान मारे जाने पर
-आग बुझाने व जनमानस की रक्षा के दौरान मारे जाने पर
-कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्र में आक्रमण के कारण मृत्यु होने पर
-कैदी अनुरक्षा के दौरान आक्रमण में मृत्यु होने पर