226 पूर्व सैनिक और वीर नारियां सम्मानित कीं
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
गढ़वाल राइफल्स के युद्ध पदकों से अलंकृत पूर्व सैनिक श्रम संविदा स्वायत्त सहकारिता संगठन के तत्वावधान में रविवार को वार्षिक मिलन और वीरता सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में आजादी के बाद से अब तक गढ़वाल मंडल के 226 से अधिक पूर्व सैनिकों और वीर नारियों का सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने समारोह का उद्घाटन कर शहीदों को श्रृद्धांजलि दी। उन्होंने वीर सैनिकों के बच्चों के लिए लखोंडा में निर्माणाधीन हास्टल के लिए गढ़वाल राइफल्स को दो करोड़ का चेक प्रदान किया।
जोगीवाला स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में रविवार को आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन गढ़वाल राइफल्स छात्र और छात्रा हास्टल एक अमूल्य तोहफा होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री ने विधायक गणेश जोशी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पूर्व में विधायकों के आवास के लिए भूमि आरक्षित थी। 2009 में तत्कालीन आवास समिति के सभापति गणेश जोशी ने सेना को छात्रावास निर्माण के लिए दे दी थी।
भारतीय सेना के उप सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जरनल शरथ चंद ने गढ़वाल रेजीमेंट के साथ अपने 40 वर्ष के कार्यकाल का जिक्र करते कहा कि वह हमेशा सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत रहे हैं। उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त सैनिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अखिल भारतीय स्तर पर दिल्ली कैंट में इंडियन मिलिट्री वैटर्न सेल का गठन किया गया। जिसकी शाखाएं प्रत्येक राज्य में खोली गई हैं।
कार्यक्रम संयोजक एवं मसूरी विधायक गणेश जोशी ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद से सैनिक परिवारों के कल्याण के लिए कई कार्य हो रहे हैं। इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष ले कर्नल डीपीएस कठैत, हवलदार धर्म सिंह रावत, संगठन के सह अध्यक्ष कैप्टन धनीराम नैनवाल, चंद्रवीर, गौरव सेनानी संगठन के अध्यक्ष महावीर सिंह, पीबीओआर के अध्यक्ष शमशेर सिंह बिष्ट समेत कई लोग मौजूद रहे।
गढ़वाल राइफल की बनेगी 22वीं पलटन
भारतीय सेना के उप सेनाध्यक्ष शरथ चंद ने कहा कि एक अप्रैल 2018 को गढ़वाल राइफल की 22वीं पलटन भी बनाई जाएगी। श्रीनगर एवं थराली में नई सीएसडी कैंटीन खोली जाएंगी। वर्तमान में कोटद्वार में 24 जेसीओ और 128 सैनिकों के आवास का निर्माण कार्य जारी है। कोटद्वार में केन्द्रीय विद्यालय के लिए राज्य सरकार जमीन उपलब्ध कराए तो केन्द्रीय विद्यालय खोला जा सकता है। उन्होंने देहरादून कैंट स्थित अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन देने और रानीपोखरी में पूर्व सैनिकों के लिए भवन बनाने की घोषणा भी की।
गांवों के विकास में भूमिका निभा सकते हैं पूर्व सैनिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में करीब 16 प्रतिशत लोग सैनिक एवं अर्द्धसैनिक बलों से हैं। जो गांवों के विकास के लिए अपने हुनर से महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे पर्वतीय क्षेत्रों में होम स्टे एवं अन्य क्षेत्रों में जन उपयोगी कार्य कर प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं।