उत्तराखंड पीसीएस (जे) परीक्षा अगले आदेशों तक स्थगित
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने 24 फरवरी को होने वाली पीसीएस (जे)-2018 की प्रारंभिक परीक्षा को स्थगित कर दिया है। आयोग ने यह निर्णय मुख्यमंत्री के आदेशों पर अभ्यर्थियों के हित में लिया है। छात्रों ने मांग की थी कि जब तक सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण व्यवस्था का क्रियान्वयन आयोग में नहीं होता है तब तक यह परीक्षा स्थगित कर दी जाए। बार एसोसिएशन देहरादून के अधिवक्ताओं ने आयोग के इस फैसले पर खुशी जताई है।
उत्तराखंड न्यायिक सेवा सिविल जज जूनियर डिविजन के 30 पदों के लिए पिछले साल अक्तूबर में विज्ञापन जारी किया गया था। इसमें हजारों अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजीव शर्मा बंटू ने बताया कि अभ्यर्थियों ने दो प्रकार की आपत्ति जताई थी। इनमें पहली आपत्ति थी कि हाल में केंद्र सरकार ने 10 फीसदी आरक्षण (पिछड़े सवर्णों के लिए) लागू किया है, इसे आगामी शिक्षा सत्र से इस व्यवस्था को लागू कर दिया गया है, मगर इस परीक्षा में यह व्यवस्था लागू नहीं थी। दूसरी आपत्ति थी कि मध्य प्रदेश में 216 पदों के लिए यह परीक्षा 26 फरवरी को होनी है। सैकड़ों अभ्यर्थियों ने वहां के लिए भी आवेदन किया था। चूंकि, परीक्षा के बीच एक ही दिन का समय था तो अभ्यर्थी वहां नहीं पहुंच पाते। ऐसे में सरकार ने अभ्यर्थियों की दोनों आपत्तियों को मान लिया और आयोग ने इस परीक्षा को अगले आदेशों तक स्थगित कर दिया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल, सचिन अनिल शर्मा चीनी, अधिवक्ता प्रकाश टी पाल, आदि ने आयोग के इस निर्णय को अभ्यर्थियों के हित में करार दिया है।