ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राजधानी में सक्रिय टप्पेबाजों ने सोमवार दोपहर प्रेमनगर थाना क्षेत्र में को-ऑपरेटिव बैंक के बाहर खड़े ठेकेदार की स्कूटी की डिग्गी से 2.90 लाख रुपये पार कर दिए। ठेेकेदार ने यह रकम प्रेमनगर की पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से निकाली थी। पुलिस के अनुसार बैंक के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में दो संदिग्ध युवक दिखे हैं। दोनों युवक पीएनबी से ही ठेकेदार के पीछे लगे हुए थे।
श्यामपुर निवासी लल्लन सिंह क्षेत्र में ही ठेकेदारी करते हैं। लल्लन सिंह ने सोमवार दोपहर करीब 12 बजे प्रेमनगर की पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से 2.90 लाख रुपये निकाले थे। रुपये उन्होंने अपनी स्कूटी (एक्टिवा) की डिग्गी में रख लिए। इसके बाद को-कॉपरेटिव बैंक गए। इस दौरान उन्होंने अपनी स्कूटी को-ऑपरेटिव बैंक के बाहर खड़ी कर दी और हेलमेट डिक्की में रखा। बैंक से निकलने पर उन्होंने हेलमेट निकालने के लिए डिग्गी खोली तो उनके होश उड़ गए। हेलमेट डिग्गी में था, लेकिन रुपये गायब थे। उन्होंने आसपास खड़े लोगों से जानकारी की तो लोगों की भीड़ लग गई। इसके बाद लल्लन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों से पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिली। प्रेमनगर थानाध्यक्ष मुकेश त्यागी के अनुसार बैंकों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए गए हैं। दो संदिग्ध युवकों के चेहरे साफ दिखाई दे रहे हैं। युवकों की धरपकड़ के लिए टीमें बनाई गई हैं।
पीएनबी से ही पीछे लगे थे युवक
थानाध्यक्ष प्रेमनगर के मुताबिक को-ऑपरेटिव बैंक के बाहर सीसीटीवी कैमरों में जो संदिग्ध युवक दिखे हैं। वही युवक पीएनबी के आसपास भी दिखे हैं। संदिग्ध युवक ठेकेदार लल्लन सिंह के पीछे पीएनबी से ही लगे थे। इनमें से एक युवक रेकी कर रहा था और दूसरे ने स्कूटर की डिग्गी का लॉक तोड़कर रुपये निकाले हैं।
डिग्गी में न रखें कीमती सामान
स्कूटी की सीट प्लास्टिक की होती है। इसी सीट में लॉक लगा होता है। प्लास्टिक की वजह से कुछ समय बाद लॉक ढीला हो जाता है। कई मामलों में देखा गया है कि पुरानी स्कूटी की सीट के बीचोंबीच चोट मारने से लॉक खुल जाता है। इसके बाद सीट को दबाकर इधर-उधर करने से लॉक बंद हो जाता है। ऐसे में स्कूटी की डिग्गी में कोई कीमती चीज रखने से बचें।