ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज कराकर एक ही जमीन को भूमाफिया ने दो बार बेच दिया। जिस जमीन को बेचा गया है, उस पर पहले से ही लोग रहे रहे हैं। ऐसे में जब कब्जा लेने की बात आई तो राज्य सरकार और ग्राम समाज की भूमि भूमाफिया को दे दी गई। शिकायत के बाद एक साल चली एसआईटी जांच में मामला सामने आया है। इसके बाद डीआईजी पुष्पक ज्योति ने बुधवार को पटेल नगर कोतवाली में भूमाफिया और संबंधित तत्कालीन राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक ईस्ट होप टाउन में करीब आठ बीघा (5670 वर्ग मीटर) जमीन है। इसे वर्ष 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नित्यानंद की पुत्री को बेचा गया था। इसके बाद उनकी पुत्री ने इस जमीन को अलग-अलग 15 लोगों को बेच दिया। इसके बाद वर्ष 2008 में जमीन को फर्जी तरीके से बेचने का खेल शुरू हुआ। भूमाफिया ने दोबारा इस भूमि का दाखिल-खारिज और रजिस्ट्री कराई। इसके बाद इसका बेचान शुरू किया। आरोप है कि इसमें तत्कालीन राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से दाखिल-खारिज कराया गया। यह भी आरोप है कि उन अधिकारियों व कर्मचारियों ने भूमाफिया को फायदा देने के लिए राज्य सरकार की जमीन ही उन्हें सौंप दी गई। इसी जमीन को तब राधा अग्रवाल, अंजू अग्रवाल और दिलशाद ने भी खरीदा था। जब वो इसे आगे बेचने लगे तो मामला पकड़ में आया। इस पर दिलशाद के पुत्र ढकरानी निवासी शमीम अहमद ने एसआईटी में शिकायत दर्ज करा दी। ...................
फर्जी हाउसिंग कंपनी बना बेच दी सरकारी जमीन
एक अन्य मामले में ऐसे ही मौजा डांडा लखौंड में लगभग 17 बीघा जमीन है। इसे वर्ष 1997 में राज्य सरकार के सुपुर्द किया गया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस भूमि के क्रय विक्रय करने पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद इस जमीन का फर्जी तरीके से सौदा किया गया और बेचा गया। इस मामले में धर्म सिंह ठाकुर ने एसआईटी में शिकायत की। जिसमें आरोप लगाया गया कि फर्जी गंगोत्री हाउसिंग कंपनी के प्रतिनिधि बनकर नागल सोती बिजनौर यूपी निवासी वेद प्रकाश शर्मा ने जोगेंद्र के साथ मिलकर जमीन के फर्जी कागजात तैयार करा लिए। इसके बाद फर्जी खरीदार नौशाद के नाम इसकी फर्जी रजिस्ट्री करा दाखिल-खारिज कराया। शिकायत पर एसआईटी जांच में पता चला कि जो भी खरीदार और विक्रेता के पते बताए गए सब फर्जी हैं। इसके बाद डीआईजी ने रायपुर थाने में भूमाफिया व संबंधित राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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जमीन धोखाधड़ी में 11 गिरफ्तार
डीआईजी पुष्पक ज्योति ने बताया कि एसआईजी की जांच के आधार पर जनवरी और फरवरी में विभिन्न थानों में दर्ज जमीन धोखाधड़ी पांच मामलों में 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि प्रेमनगर थाने में दर्ज तीन मामलों में सात, रायपुर थाने में दर्ज एक मामले में तीन और कोतवाली कैंट में दर्ज एक मामले में एक को गिरफ्तार किया गया है।