ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
तीन शातिर लोगों ने एक व्यक्ति को 36 बीघा जमीन बेची, लेकिन कब्जा मात्र 10 बीघा पर ही दिया। ऐसे में कुल 26 बीघा जमीन उन्होंने सिर्फ कागजों में ही बेचकर उससे 74 लाख रुपये हड़प लिए। पुलिस ने एसआईटी की जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इधर, राजपुर में भी गुड़गांव निवासी महिला की जमीन कुछ लोगों ने फर्जीवाड़ा कर बेच डाली। पुलिस ने इस मामले में भी मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पहला मामला पटेलनगर थाना क्षेत्र का है। सलाउद्दीन निवासी ब्राह्मणवाला ने एसआईटी को शिकायत की थी। उसने बताया कि था नूर हसन, चंगेज खान और फिरोज खान सभी निवासी नेहरू कॉलोनी ने उन्हें 36 बीघा जमीन का सौदा किया था। यह जमीन हरिद्वार बाईपास के पास स्थित है। इसके बाद जब कब्जा लिया गया तो उन्होंने मौके पर महज 10 बीघा जमीन पर भी कब्जा किया। ऐसे में 26 बीघा जमीन के बदले में उन्होंने 74 लाख 50 हजार रुपये सलाउद्दीन से ले लिए। इस पर सलाउद्दीन ने जब जमीन पर कब्जा करने की बात कही तो उन्होंने बात करना बंद कर दिया। इंस्पेक्टर पटेलनगर सूर्यभूषण नेगी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
इधर, आरती बब्बर निवासी पालम विहार गुरुग्राम ने भी एसआईटी को अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1996 में उन्होंने त्रिलोकीनाथ टंडन से डांडा धोरण में एक जमीन खरीदी थी। इसके बाद से यह जमीन आरती बब्बर के नाम आ गई। इस बीच पिछले साल पता चला कि किसी व्यक्ति ने 12 लाख रुपये में यह जमीन बेच दी है। आरती ने जब इसकी पड़ताल की तो पता चला कि उनके स्थान पर किसी अन्य महिला को खड़ा कर बैनामा कराया गया है। इस आधार पर एसआईटी ने जांच की तो उनके आरोप सही पाए गए। थानाध्यक्ष राजपुर अरविंद कुमार ने बताया कि इस मामले में यासिर कुद्दस व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है ।