ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
आपूर्ति विभाग की टीम ने मंगलवार को छापेमारी कर लक्खीबाग क्षेत्र में एक घर और एक गैस एजेंसी की गाड़ी में रसोई गैस की अवैध री-फिलिंग पकड़ी। टीम ने मौके से री-फिलिंग उपकरणों के साथ 72 सिलिंडर जब्त किए। जिला आपूर्ति अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक एजेंसी कर्मी अभी फरार है।
मंगलवार को आपूर्ति विभाग को लक्खीबाग क्षेत्र में देशराज पुत्र रंजीत सिंह के मकान में रसोई गैस की अवैध री-फिलिंग की शिकायत मिली। शिकायत के आधार पर टीम ने छापेमारी की, तो वहां अवैध री-फिलिंग होते पाया। टीम ने यहां से री-फिलिंग किट, तराजू-बट्टा ,पेचकस आदि उपकरणों समेत 29 सिलिंडर (21 छोटे, आठ बड़े) जब्त किए। जबकि आरोपी देशराज को भी पकड़ लिया।
यहां से लौटते समय टीम को चुघ गैस एजेंसी की गाड़ी दिखाई दी। शक के आधार पर टीम ने गाड़ी की चेकिंग की, तो उसमें री-फिलिंग उपकरण पाए गए। जांच करने पर कुछ सिलिंडरों में दो से तीन किलो गैस कम पाई गई। टीम ने गाड़ी में लदे 43 सिलिंडर जब्त कर लिए। टीम की कार्रवाई के दौरान एजेंसी कर्मी कल्लू भाग गया, जबकि गाड़ी चालक दिनेश सिंह निवासी बदायूं को पकड़ लिया। जिला आपूर्ति निरीक्षक विपिन कुमार ने बताया कि मकान मालिक देशराज निवासी लक्खीबाग, चुघ एजेंसी के कर्मचारी कल्लू, गाड़ी चालक दिनेश सिंह के खिलाफ लक्खीबाग चौकी में केस दर्ज करा दिया गया है। छापेमारी के दौरान पूर्ति निरीक्षक सुनील देवली, अजय पाल रावत, विभूति जुयाल आदि मौजूद रहे।
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शहर में कई इलाकों में अवैध री-फिलिंग
शहर में रसोई गैस की अवैध री-फिलिंग कई इलाकों में हो रही है। इन अवैध री-फिलिंग करने वालों को गैस सिलिंडर उपलब्ध कौन कराता है, यह बड़ा सवा है। सूत्रों की माने तो गैस एजेंसियां साठगांठ कर इन्हें सिलिंडर उपलब्ध कराती हैं। लोगों का आरोप है कि इन गैस एजेंसियों और अवैध री-फिलिंग करने वालों को विभाग का संरक्षण हासिल है। इसीलिए यह धंधा फल-फूल रहा है।