ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
जिला जेल में अपनी तीन सूत्री मांग को लेकर करीब 600 कैदी भूख हड़ताल पर बैठ गए। देहरादून के बदमाश जितेंद्र रावत उर्फ जित्ती के उकसाने पर भूख हड़ताल पर बैठे देर शाम तक चली मान मनौव्वल के बाद भी टस से मस नहीं हुए। कैदियों के भूख हड़ताल पर जाने से जेल प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
रोजाना की तरह मंगलवार सुबह भी हरिद्वार जेल की सभी बैरकों को जब खोला गया तब कई कैदियों ने सुबह का नाश्ता लेने से इनकार कर दिया। कैदियों के नाश्ता लेने से इंकार कर देने की खबर मिलते ही जेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में जेल अफसर सक्रिय हुए तब सामने आया कि करीब छह सौ कैदी नाश्ता नहीं ले रहे है। कैदियों की अगुवाई कर रहे देहरादून के बदमाश जितेंद्र उर्फ जित्ती से जब जेल प्रशासन ने बातचीत की तब उसने तीन सूत्री मांगों के पूरा होने पर भूख हड़ताल खत्म करने की बात कही। जेल प्रशासन से बैरकों में सख्ती से चेकिंग बंद करने, मनचाहा भोजन परोसने और पूरे जेल परिसर में बेरोकटोक आवाजाही की मांग की गई। जेल प्रशासन ने इन मांगों को खारिज करते हुए कैदियों को मनाना चाहा लेकिन वह माने नहीं। सुबह के नाश्ते के बाद दोपहर का खाना भी कैदियों ने नहीं लिया। दिन भर कैदियों की मान मनौव्वल चलती लेकिन जेल अधिकारियों की बात को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। शाम करीब छह बजे तक भी रात का खाना कैदियों ने लेने से इनकार कर दिया। जेलर एसएम सिंह ने बताया कि सात बजे जेल की सभी बैरकों को बंद कर दिया जाएगा। उच्च अधिकारियों को कैदियों की मांगों के संबंध में अवगत करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह जब बैरक खुलेगी तब फिर से कैदियों से नाश्ता लेने की बात कही जाएगी। कैदियों को समझाने का प्रयास चल रहा है।