ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
इकलौते बेटे की बरामदगी के लिए एक दिव्यांग बुजुर्ग महिला डेढ़ महीने से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर है। महिला के अनुसार चौकी वाले थाने को थाने वाले चौकी को कहकर उन्हें बार-बार टरकाने में लगे हैं। इस मामले में महिला मुख्यमंत्री तक से गुहार लगा चुकी है, मगर अब तक उसके पुत्र का पुलिस पता नहीं लगा सकी है। महिला ने अपनी शिकायत में अपने पुत्र को गायब करने का आरोप पुत्रवधु व उसके रिश्तेदारों पर लगाया है। बावजूद इसके पुलिस ने अपनी जांच आगे नहीं बढ़ाई है।
जानकारी के अनुसार विमला देवी (85) निवासी ऋषिनगर, सहस्त्रधारा रोड को आंखों से दिखाई नहीं देता है। विमला देवी का पुत्र दीपचंद उर्फ हिमांशु गत 19 अप्रैल को घर से काम पर जाने को कहकर निकला था और वापस नहीं आया। इस संबंध में महिला ने 23 अप्रैल को एसएसपी को शिकायत की थी। इसके आधार पर पुलिस ने दीपचंद की गुमशुदगी दर्ज कर ली थी। महिला ने दीपचंद के गायब होने के पीछे उसकी पत्नी व अन्य रिश्तेदारों का हाथ होने का शक जताया है। पुलिस से कोई मदद न मिलने पर वृद्धा जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक गुहार लगा चुकी है। इधर, एसएसआई रायपुर मनोज कुमार का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। उसके नंबरों को सर्विलांस पर लगाया गया है। पहले भी वह एक बार ढाई महीने तक गायब रह चुका था और बाद में वापस आ गया था। पुलिस हर पहलू से इस बार भी मामले की जांच कर रही है।