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सस्ते में डालर खरीदने के चक्कर में दो लाख लुटाए

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सस्ते में डालर खरीदने के चक्कर में दो लाख लुटाए
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। सस्ते में डालर खरीदने की चाह में बुजुर्ग कैंटीन संचालक ने दो लाख रुपये गंवा दिए। डिलीवरी के समय ठग नोटों से भरा बैग लेकर डालर के रूप में अखबार की रद्दी से भरा थमाकर फरार हो गए। बैग खोला तो बुजुर्ग हाथ-पैर पीटते रह गए। दो लाख की यह रकम कैंटीन संचालक के एक परिचित की बताई गई है। कमीशन पाने के चक्कर में बुजुर्ग मुसीबत में फंस गए। दिनभर की गहमागहमी के बाद रात में ठगी का मुकदमा दर्ज हो सका।
पुलिस कंट्रोल रूम में बुधवार सुबह करीब नौ बजे सूचना मिली कि कांवली रोड पर गोविंदगढ़ पुल के पास कैंटीन संचालक दीवान बोहरा से दो लाख रुपये लूट लिए गए हैं। सरेआम दो लाख की लूट की खबर पर पुलिस में हड़कंप मच गया। एसपी सिटी श्वेता चौबे और सीओ सिटी शेखर सुयाल के साथ कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पीड़ित बोहरा पहले पुलिस को लूट की कहानी बताते चले गए। पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज का अवलोकन किया तो बैग बदलने के खेल का खुलासा हुआ। एसपी सिटी चौबे ने शिकायतकर्ता दीवान बोहरा से इंदिरानगर पुलिस चौकी पहुंचकर बातचीत की, तब मामले की सही तस्वीर सामने आ सकी।
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एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि 14 जून को अग्रसेन चौक पर दीवान बोहरा को एक महिला और उसके कथित दो बेटे मिले थे, जिन्हाेंने सस्ते में डालर बेचने की बात कही। उन्हाेंने बोहरा को डालर बेचने में सहयोग करने पर कमीशन का लालच दिया। ठगो ने दीवान बोहरा पर विश्वास जमाने को एक डॉलर भी दिया। बोहरा तब से अपने परिचितों को सस्ते में डालर दिलवाने के लिए प्रयासरत थे। एक परिचित ने डालर लेने के लिए उन्हें दो लाख रुपये उपलब्ध करा दिए थे। सौदेबाजी के बाद दीवान बोहरा को महिला के कथित बेटों ने बुधवार सुबह गोविंदगढ़ के पुल पर बुलाया था। जहां पर बोहरा ने उन्हें दो लाख रुपये का बैग दिया। बदले में ठगों ने बोहरा को दूसरा बैग दिया। रकम मिलते ही दोनों ठग तेजी से फरार हो गए। कुछ देर बाद बोहरा ने बैग खोला तो उसमें डालर के स्थान पर अखबार भरे थे। ठगी का अहसास हुआ तो दीवान बोहरा ने घटना को दूसरा रूप देने की कोशिश की, जो नाकाम रही। तहरीर के आधार पर ठगी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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सुबह से ही ठगों के संपर्क में थे बोहरा
ठगी का शिकार हुए कैंटीन संचालक दीवान बोहरा सुबह से ही ठगों के संपर्क में थे। कमीशन पाने के चक्कर में बोहरा काफी परिचितों से सस्ते में डॉलर दिलाने की बात कह चुके थे। एक परिचित के दो लाख रुपये देने के बाद बोहरा ने बुधवार सुबह साढ़े छह बजे ही ठगाें को कॉल कर दी थी। कॉल डिटेल से यह साफ हो गया है कि बोहरा कई दिन से ठगों से लगातार संपर्क में थे।
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कई दिन से शिकार की तलाश में थी महिला
सस्ते में डालर बेचने के नाम पर ठगी करने के लिए महिला और उसके दो कथित बेटे कई दिन से शहर में सक्रिय थे। आरोपियों की कॉल डिटेल से ऐसे काफी नंबर मिले हैं, जिनसे महिला और उसके सहयोगियों ने शहर के कई लोगों से संपर्क किया था। एक शिकार उनके बुलावे पर लाल पुल पर आ भी गया था, लेकिन बाद में उसने डॉलर खरीदने से मना कर दिया है। पुलिस ने इसी आधार पर कई लोगोें को बुलाकर पूछताछ की है।
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सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई महिला की तस्वीर
कैंटीन संचालक को ठगने वाले दोनों ठगाें के अलावा महिला की तस्वीर भी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। इस ठगी के बाद पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ को पूरी ताकत झोंक दी। शहर के अधिकांश कैमरों को खंगालने के लिए कई टीमों को लगाया गया था। कैमराें से पुलिस को आरोपियों की तस्वीरें मिल गई हैं, जिसके आधार पर उनकी धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।
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कौन है, दो लाख का निवेश करने वाला
ठगी का शिकार हुए दीवान बोहरा को दो लाख रुपये देने वाले शख्स के नाम का अभी खुलासा नहीं हो सका है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि जांच में पता चला है कि यह रकम बोहरा की नहीं है। डालर खरीदने के लिए यह रकम किसी और ने दी थी। बोहरा से इस बारे में आगे पूछताछ होनी है, तब उस शख्स का नाम सामने आने की उम्मीद है। बोहरा अभी मानसिक तनाव में हैं।
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बेटों को नालायक बता रही है महिला
ठगी की मास्टर माइंड महिला अपने बेटों को नालायक बता रही है। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि कई लोगों से बातचीत में यह बात सामने आई है। महिला लोगों को यह कहकर प्रभावित करने में लगी है कि उसके दोनों बेटे कोई कामकाज नहीं करते है। मजबूरन उन्हें डॉलर सस्ते में बेचने पड़ रहे हैं।
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जल्द गिरफ्त में होेंगे ठग
डालर सस्ते में बेचने के नाम पर ठगी करने वाले महिला और उसके दो कथित बेटों की गिरफ्तारी को कई टीमें गठित की गई हैं। आरोपियों के खिलाफ काफी साक्ष्य जुटा लिए गए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
- निवेदिता कुकरेती, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
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