जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अगस्त्यमुनि ब्लॉक के आगर गांव में वृद्ध की हत्या के दोषी अभियुक्त को आजीवन कारावास और 27 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियुक्त से लूट का सामान खरीदने वाले सराफा व्यापारी को भी एक वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा अदालत ने सुनाई है। दोनों अभियुक्तों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल की अदालत में सोमवार को हत्याकांड के मामले की सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जिला न्यायाधीश ने आरोपी राजबर सिंह पुत्र स्व. प्रताप सिंह, निवासी आगर को अपने ही गांव के वृद्ध दरबान सिंह की हत्या का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अभियुक्त से साथ ही उससे लूट का सामान खरीदने वाले सराफा व्यापारी सुनील वर्मा को भी एक वर्ष का कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई गई। मामले में पैरवी शासकीय अधिवक्ता केपी खन्ना ने की। उन्होंने बताया कि आगर गांव में वृद्ध दरबान सिंह अकेले रहते थे। उनके बेटे बाहर नौकरी करते हैं, इसलिए उनकी देखभाल उनका भतीजा करता था।
बीते वर्ष 7 अक्तूबर की शाम को गांव का राजबर सिंह वृद्ध के घर पर गया। बातचीत करते हुए उसने वृद्ध को शराब भी पिलाई। इसके बाद वह अपने घर की तरफ चल दिया। रात को जब सभी लोग सो गए। तब, राजबर फिर वृद्ध के घर पर आया, उसने घर में रखे सभी सोने के जेवरों पर हाथ साफ किया और वृद्ध की गला दबाकर हत्या कर दी। आठ अक्तूबर की सुबह जब परिजन वृद्ध को चाय देने पहुंचे तो वे अपने बिस्तर पर मृत मिले। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए सोने के जेवर रुद्रप्रयाग के ज्वेलर्स सुनील वर्मा को बेचने की बात कही थी। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने ज्वेलर्स से भी जेवर बरामद करते हुए उसे गिरफ्तार किया था।