ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। पुलिस ने लग्जरी वाहनों के अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं जबकि उनके कब्जे से पांच बुलेट मोटरसाइकिल जबकि तीन लग्जरी कारें बरामद हुई हैं। पकड़े गए युवकों की पहचान अनुराग शर्मा उर्फ अनुज शर्मा उर्फ पंडित पुत्र अशोक कुमार शर्मा निवासी संजय गांधी कॉलोनी 60 मकतूलपुरी रुड़की, रवि पुत्र स्व. भीम सिंह निवासी ग्राम नौजल थाना शामली उत्तर प्रदेश हाल निवास कृष्णा कॉलोनी गली नं. 27 रुड़की जबकि शेखर पुत्र मांगेराम निवासी ग्राम कगुवाली थाना मंगलौर जनपद हरिद्वार हाल निवास राजेंद्र नगर रुड़की के रूप में हुई है।
बरामद वाहनों में पांच बुलेट मोटरसाइकिल व फॉर्च्यूनर, स्कार्पियो और टाटा इंडिगो कार शामिल हैं। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि लंबे समय से वाहन चोर गिरोह के सदस्यों की पुलिस को तलाश थी। पुलिस के पास एफआईआर तो दर्ज हो रही थी लेकिन चोरों का कोई इनपुट नहीं मिल पा रहा था। इस संबंध में कोतवाली ऋषिकेश की ओर से कई टीमें बनाकर उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों में तलाशी अभियान चलाया गया। साथ ही सरकारी व प्राइवेट संस्थानों के करीब 65 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसमें तीन संदिग्धों को मोटरसाइकिल ले जाते के फुटेज मिले।
उन्होंने बताया कि काफी मशक्कत के बाद आखिरकार पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी। तीनों आरोपियों को श्यामपुर फाटक के पास के गिरफ्तार किया गया। खास बात तो यह है कि बरामद सभी आठ में से सात वाहनों पर चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार वाहनों की कीमत 55 लाख रुपये है। इस दौरान कोतवाली निरीक्षक रितेश शाह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज नैनवाल, उप निरीक्षक विनय शर्मा, राजेश सिंह, कांस्टेबल संदीप राठी, संदीप छाबड़ी, दुष्यंत, नवनीत नेगी, मनोज कुमार आदि उपस्थित रहे। पुलिस की इस सफलता पर विवेचना टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती की ओर से 25 हजार रुपए ईनाम की घोषणा भी की गई है।
गिरोह का सरगना पकड़ से अब भी दूर
अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का सरगना अब भी पकड़ से दूर है। पुलिस के मुताबिक इस गिरोह का संचालन गौरव उर्फ फौजी पुत्र मुनेश निवासी ग्राम तेलीपुरा थाना बेहट जिला सहारनपुर हाल निवास थाना गंगनहर जिला हरिद्वार करता है। गौरव की तलाश में हर संभावित ठिकाने पर दबिश दी जा रही है। कोतवाल रितेश शाह के मुताबिक अहम सूत्र हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर गिरोह का सरगना भी जल्द गिरफ्तार होगा।
पैसों की लालच में बेरोजगार बन रहे अपराधी
अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह में ज्यादातर पश्चिमी उप्र से ताल्लुक रखते हैं। वाहन चोर गिरोह का मुखिया भी सहारनपुर का रहने वाला है। दिलचस्प पहलू यह है कि आपराधिक वारदातों में उत्तराखंड के बेरोजगारों को गिरोह में शामिल किया जा रहा है। चंद पैसों की लालच में स्थानीय युवक अपराध के दलदल में भी पांव रखने से नहीं हिचक रहे हैं। यही कारण है कि रेकी के लिए कम पढ़े लिखे और स्थानीय बेरोजगारों को हायर किया जा रहा है।
चोरी के बुलेट की बाजार में अधिक डिमांड
साफ सुथरे बाजार में ही नहीं बल्कि चोरी के बाजार में भी बुलेट मोटरसाइकिल की डिमांड हाई है। सीओ वीरेंद्र सिंह रावत के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकारा है कि इन दिनों बुलेट मोटरसाइकिल की डिमांड ज्यादा है। इसीलिए विभिन्न क्षेत्रों में खरीदी गई बाइकों की रेकी के आर्डर थे। बुलेट मोटरसाइकिल चोरी की होने के बावजूद महंगी बिकती है।
फ्री पार्किंग बना चोरी के वाहन का अड्डा
पुलिस क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि वाहन चोर गिरोह से चोरी की तीन लग्जरी कार फार्च्यूनर, इंडिगो, स्कार्पियो व दो बुलेट मोटर साइकिल को ऋषिकेश बस अड्डे के पीछे फ्री पार्किंग से बरामद किया गया है। फ्री पार्किंग की लत को चोरों के गिरोह ने अपना निशाना बनाया। कम पढ़े लिखे गुर्गों को बाकायदा लॉक तोड़ने का प्रशिक्षण दिया गया है। ये वाहन चोर अब इतने एक्सपर्ट हो चुके हैं कि किसी भी वाहन का लॉक तोड़कर वाहन चोरी कर लेते हैं।
इस तरह देते थे चोरी की घटना को अंजाम
पुलिस क्षेत्राधिकारी के मुताबिक वाहन चोर गिरोह सिर्फ बुलेट मोटरसाइकिल व लग्जरी कार को ही चुराते हैं। इसके लिए वह पहले घरों के बाहर खड़े वाहनों की रेकी करते हैं। कारों का ड्राइविंग साइड का शीशा तोड़कर चुंबक से स्टीयरिंग फ्री कर कोडिंग के जरिए गाड़ी स्टार्ट कर फरार हो जाते हैं। पुलिस पूछताछ में गिरोह के सदस्यों ने बताया कि चोरी के वाहनों की निशानदेही और चुराने के लिए किराए की गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए किराए की गाड़ी आगे रखते हैं। साथ ही रूट के हालात भी फोन के जरिये पीछे से चोरी की गाड़ी लाने वाले सदस्य को बताते रहते हैं। चोरी के वाहनों को आधे दामों पर बेच दिया जाता है।