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पत्थरबाजी मामला : बढ़ेगी स्टूडेंट्स की मुश्किलें

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। वीरभद्र रोड पर दो गुटों के बीच हुए पथराव और तोड़फोड़ मामले में मेडिकल छात्रों की मुश्किलें अभी और बढ़ने वाली हैं। एम्स प्रशासन की ओर से छह स्टूडेंट्स के निष्कासन ने पुलिस की विवेचना को आसन कर दिया है। पुलिस का मानना है कि एम्स की ओर से हुई कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि स्टूडेंट उपद्रव में शामिल थे। गौरतलब है कि एम्स प्रशासन ने दो गुटों के बीच हुए पथराव मामले में अपने छह स्टूडेंट्स पर निष्कासन की कार्रवाई की है।
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उधर, स्थानीय राजीव राणा की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे के आधार पर विवेचना कर रही कोतवाली पुलिस भी वीडियो और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। तकनीकी आधार पर पुलिस की विवेचना अब आसान हो गई है। कार्रवाई के बाद एम्स प्रशासन भले ही जांच कमेटी के जरिये मामले की पड़ताल अपने स्तर से कर रहा है, लेकिन पुलिस को स्टूडेंट्स पर ठोस कार्रवाई के लिए अब निष्कासन का आधार मिल गया है।
कोतवाल रितेश शाह का कहना है कि जिन वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एम्स ने कार्रवाई की है, उसे हम भी विवेचना रिपोर्ट का अहम बिंदू बनाएंगे। इसी क्रम में पुलिस एम्स को नोटिस भी भेजने जा रही है कि इतनी बड़ी संख्या में स्टूडेंट किन परिस्थितियों में परिसर से बाहर आ सके। पुलिस गेट पास जारी होने के नियम और तरीके सहित सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी। इस आधार पर माना जा रहा है कि एम्स प्रशासन का पीछा महज छह स्टूडेंट के निष्कासन सेे नहीं छूटने वाला। विवेचना की दिशा बता रही है कि पथराव और तोड़फोड़ मामले में कई स्टूडेंट पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
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