श्रीनगर। कोतवाली पुलिस ने 11 साल से जमानत के बाद से फरार चल रहे अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी ने गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
21 मई 2007 को टिहरी निवासी अजब सिंह ने कोतवाली में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को दी शिकायत में अजम सिंह ने कहा था कि 7 मई को श्रीनगर बस अड्डे के समीप गाड़ी में रखी उनकी अटैची से 38 हजार की नगदी सहित सोने के कंगन व अंगूठी, मोबाइल आदि चोरी हो गए। उक्त सामान बाद में मूल रूप से मुरादाबाद रामपुर (यूपी) के रहने वाले पंकज सक्सेना से बरामद किया गया। पुलिस ने पंकज सक्सेना को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट से जमानत पर छूटने के बाद पंकज फरार हो गया था। कई बार कोर्ट से समन भेजे जाने पर भी पंकज कोर्ट में आने से बच रहा था। पंकज के अभिलेखों में मूल पते के स्थान पर कंपनी का पता दर्ज किया गया था। जो कंपनी पिछले कई वर्षों से बंद चल रही थी। कोतवाल एनएस बिष्ट ने बताया कि काफी खोजबीन के बाद अभियुक्त के मूल पते की जानकारी जुटाई गई। पुलिस टीम ने पंकज को हरिद्वार रेलवे कॉलोनी से गिरफ्तार किया। एसएसपी जेआर जोशी ने अभियुक्त को गिरफ्तार करने वाली टीम को ढाई हजार के नगद पुरस्कार की घोषणा की है। टीम में एसएसआई प्रदीप नेगी, एसआई लोहित कुल, एसआई पुष्पेंद्र, दीपक कुमार व चंद्रपाल शामिल थे। श्रीनगर कोतवाली में जमानत के बाद से नौ अभियुक्त फरार हैं, जिनमें से एक पकड़ा जा चुका है। कोतवाल एनएस बिष्ट ने बताया कि जल्द ही अन्य फरार अभियुक्तों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।