ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। पशुलोक विस्थापित निवासी युवक की उपचार के दौरान मौत होने पर परिजनों ने शहर के एक निजी अस्पताल के बाहर शव रखकर हंगामा कर दिया। आरोप लगाया कि उक्त अस्पताल से युवक को गंभीर अवस्था में देहरादून रेफर किया गया था और इसी अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही से ही उसकी जान गई है। जानकारी के मुताबिक बीते एक सितंबर को पेट में पथरी की शिकायत पर मकान सिंह गुनसोला (35) को परिजनों ने नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
अस्पताल के चिकित्सकों ने मकान सिंह का ऑपरेशन किया। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद से ही उनके शरीर से खून का रिसाव नहीं रुक रहा था, जिसके बाद मकान सिंह को देहरादून के एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। देहरादून में अस्पताल प्रबंधन ने केस बिगड़ने की बात कहकर उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसी बीच ऋषिकेश के अस्पताल संचालक ने उक्त अस्पताल के चिकित्सकों से बातचीत की, जिसके बाद मकान सिंह को भर्ती कर लिया गया। दून के अस्पताल में भी शरीर से ब्लीडिंग नहीं रुकने के चलते सोमवार को उनकी मौत हो गई।
गुस्साए परिजन मकान सिंह के शव को लेकर देरशाम को ऋषिकेश के उक्त अस्पताल में पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के बाहर शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद परिजनों ने चिकित्सकों की लापरवाही से मकान सिंह की जान जाने का आरोप लगाया। हंगामा बढ़ने पर आसपास के लोगों ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। कोतवाल रितेश शाह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने हंगामा कर रहे परिजनों को बामुश्किल शांत कराकर दोनों पक्षों में समझौता करा दिया।