श्रीनगर। कोतवाली पुलिस ने रुद्रप्रयाग के कंडारा गांव स्थित राज राजेश्वरी मंदिर से सोने-चांदी के आभूषण और मूर्ति सहित अन्य सामान चुराने वाले चोर को गणेश बाजार में धर दबोचा। बरामद माल की कीमत लगभग 3 लाख रुपये है। चोर श्रीनगर में माल बेचने की फिराक में था, लेकिन इससे पहले वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उक्त चोर पहले भी तीन बार चोरी के मामले में जेल की हवा खा चुका है। इसी साल 30 मार्च को वह पुरसाड़ी जेल से जमानत पर रिहा हुआ था।
रविवार देर शाम सीओ धन सिंह तोमर और कोतवाल एनएस बिष्ट ने प्रेसवार्ता में रुद्रप्रयाग जिले में हुई चोरी के मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अपराह्न लगभग सवा तीन बजे एक संदिग्ध व्यक्ति के घूमने की सूचना मिली थी। जिस पर श्रीकोट चौकी इंचार्ज महेश रावत, बाजार चौकी इंचार्ज संध्या नेगी, कांस्टेबल शूरवीर चौहान व सुमित जुयाल ने उक्त व्यक्ति की तलाशी ली। उसके पास से मंदिर से चुराया गया माल मिला। पूछताछ में उसने अपना नाम बलदेव लाल (40) पुत्र दीवानी लाल निवासी क्वीली रुद्रप्रयाग बताया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि वह काफी दिन से चोरी की फिराक में था। कुछ दिन पूर्व कंडारा गांव गया था, जहां चोरी करना आसान था। उसने मौका पाकर शनिवार रात मंदिर का ताला तोड़कर चोरी कर ली। आरोपी के खिलाफ अगस्त्यमुनि थाने में मुकदमा दर्ज है। वहीं, आरोपी बलदेव लाल ने पुलिस की कहानी को नकारते हुए बताया कि कंडारा गांव के एक व्यक्ति ने उसे माल बेचने के लिए दिया था। वह माल बेचने के लिए श्रीनगर आया था। वहीं मीडिया के सवालों का हंस-हंसकर उसने जवाब दिया कि वह हमेशा शक के आधार पर पकड़ा जाता है। पुलिस को भी उससे पूछताछ करने के लिए सख्ती बरतने की जरूरत नहीं पड़ी।
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सन्दीप