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कांस्टेबल को सौंपा महिला हेल्प डेस्क का जिम्मा

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
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महिलाओं से जुड़े छोटे-मोटे घरेलू विवादों को सुलझाने के लिए कोतवाली और थाने में महिला डेस्क की स्थापना तो कर दी गई है, लेकिन संचालन को लेकर महकमा गंभीर नहीं है। लापरवाही का आलम यह है कि ऋषिकेश कोतवाली में दारोगा की बजाए महिला कांस्टेबल के बूते जैसे तैसे महिला डेस्क का संचालन किया जा रहा है।
कोतवाली की महिला हेल्प डेस्क में एक माह में औसतन 100 से अधिक मामले पति-पत्नी के बीच के झगड़ों से संबंधित दर्ज होते हैं। विवादों को सुलझाने के लिए दोनों पक्ष डेस्क के पास पहुंचते हैं, जहां सुनवाई नियमानुसार महिला दारोगा को करनी होती है, मगर कोतवाली में महिला कांस्टेबल ही पति-पत्नी के विवादों का समाधान का जिम्मा संभाल रही हैं। इसमें सिर्फ कागजी कार्रवाई के लिए डेस्क प्रभारी महज हस्ताक्षर करने तक सीमित हैं। इसके साथ विवादों को सुलझाने में कानूनी ज्ञान और विवेक भी काफी हद तक मायने रखता है। बावजूद कोतवाली में कांस्टेबल से संचालित कराई जा रही डेस्क का मामला समझ से परे है।
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क्या है पुलिस की महिला डेस्क
कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने कोतवाली और थानों में महिलाओं के छोटे-मोटे घरेलू विवादों को सुलझाने के लिए महिला डेस्क की स्थापना का आदेश दिया था, जिसमें प्रारंभिक विवाद का समाधान डेस्क के माध्यम से किया जाना आदि शामिल है। झगड़ा नहीं सुलझने पर अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को अपनाया जाता है। डेस्क का चार्ज महिला दारोगा के पास होता है। उसके सहायक के तौर पर महिला कांस्टेबल की तैनात की जाती है।

डेस्क के साथ कई जिम्मेदारियां
मेरे पास महिला डेस्क का अतिरिक्त चार्ज है। इसके साथ ही विभिन्न मामलों की विवेचनाएं, वीआईपी ड्यूटी और अन्य कार्यों को भी करना पड़ता है। ऐसे में नियमित तौर से डेस्क में बैठ पाना संभव नहीं हो पाता है। कागजी कार्रवाई के लिए अंतिम निर्णय मेरे माध्यम से ही किया जाता है। फिलहाल महिला कांस्टेबल मामलों की नियमित रूप से सुनवाई कर रही हूं।
- सरोज नौटियाल, प्रभारी महिला डेस्क, ऋषिकेश

व्यस्तताओं के कारण महिला दारोगा का डेस्क में बैठ पाना मुनासिब नहीं हो पा रहा है। उनके पास विवेचनाओं के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण कार्य भी हैं। लिहाजा, कांस्टेबल नियमित रूप से डेस्क का संचालन कर रही हैं।
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- प्रवीण सिंह कोश्यारी, कोतवाल, ऋषिकेश

महिलाओं से जुड़े पारिवारिक विवादों को सुलझाने के लिए महिला डेस्क है, लेकिन कोर्ट की रूलिंग के अनुसार इन मामलों को न्यायिक कमेटी को भी रेफर किया जा रहा है। ऋषिकेश में डेस्क को लेकर क्या मामला है। इसकी जानकारी जुटाकर ही कुछ कहा जा सकता है।
- सरिता डोभाल, एसपी ग्रामीण, देहरादून
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