ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
मुनिकीरेती में आठ दिन पूर्व शराब की वैन को लेकर हुए बवाल में नामजद और अज्ञात आरोपियों से डकैती की धारा को हटाया लिया गया है। विवेचना में पुलिस ने आगजनी और बलवा की धारा को बरकरार रखा है। बताया कि तफ्तीश में डकैती नहीं होना पाया गया। लिहाजा, अब आरोपियों पर दो धाराओं में ही मुकदमा चलेगा। जानकारी के मुताबिक ढालवाला में आवंटित शराब की दुकान के अनुज्ञापी ने जिलाधिकारी टिहरी की अनुमति पर मुनिकीरेती स्थित हर्बल गार्डन के समीप बीती छह जून को वैन से शराब बिक्री शुरू की थी।
शराब की दुकान का पहले से ही विरोध कर रहे स्थानीय लोगों ने इस पर मौके पर पहुंचकर हंगामा कर दिया था। मुनिकीरेती पुलिस के अनुसार उन्होंने गंगोत्री मार्ग पर खड़ी वैन से शराब की करीब एक दर्जन पेटियों को सड़क पर फेंक कर आग लगा दी थी। अनुज्ञापी अरविंद रणावत की तहरीर पर आठ नामजद व 40 अज्ञातों लोगों के खिलाफ डकैती, आगजनी और बलवा की धारा में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। जांच अधिकारी अशोक कश्यप ने मामले की तफ्तीश में डकैती नहीं होना पाया, जिसके बाद थानाध्यक्ष आरके सकलानी की निर्देश पर मुकदमे से डकैती की धारा को हटा दिया गया।
यह लोग हैं नामजद
मुनिकीरेती पुलिस के अनुसार आगजनी और बलवा में हिमांशु बिजल्वाण, अनुराग पयाल, अनिल बहुखंडी, अजय रमोला, महावीर खरोला, बलदेव रावत, विजेंद्र राणा, पूरण पुंडीर नामजद हैं। जबकि करीब 40 महिला व पुरुष अज्ञात हैं। जांच अधिकारी अशोक कश्यप ने बताया कि पुलिस की विधि विज्ञान प्रयोगशाला से वीडियो फुटेज की जांच कराई जा रही है, जिसके बाद अज्ञात आरोपियों की पहचान शुरू की जाएगी।
कोट्स
मुकदमे में एक धारा को हटा दिया गया है। जबकि आगजनी और बलवा की धारा यथावत रखी गई है। मामले की तहकीकात चल रही है। वीडियो फुटेज से अज्ञातों की पहचान के प्रयास जारी हैं। जल्द मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
- आरके सकलानी, थानाध्यक्ष, मुनिकीरेती