ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
किसी बात से परेशान चल रहे व्यापारी ने शनिवार की रात को जहर खा लिया। परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान मंगलवार की सुबह व्यापारी ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें उन्हें किसी को भी आत्महत्या का जिम्मेदार नहीं ठहराया है। नोट में लिखा है कि उनकी दुकान और बाकी संपत्ति को सुरक्षित रखा जाए। जिससे उनकी पत्नी और बच्चे के काम आ सके।
जानकारी के अनुसार वैभव अग्रवाल (31) पुत्र मुन्नालाल अग्रवाल का सिनेमा गली में मकान है। कुछ ही दूर पर वह परचून की दुकान भी चलाते थे। मकान में उनकी मां, पत्नी और पांच साल के बेटे के साथ रहते थे। शनिवार की रात किसी बात से परेशान चल रहे व्यापारी ने जहर खा लिया। परिजनों को जब इस घटना का पता चला तो उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में उन्हें लेहमन अस्पताल ले जाया गया। जहां हालत बिगड़ने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। मंगलवार की सुबह सिनर्जी अस्पताल में इलाज के दौरान व्यापारी ने दम तोड़ दिया। वैभव की मौत के बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।