ब्यूरो/अमर उजाला/सेलाकुई।
सहसपुर पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिक और उसके मकान मालिक को सोमवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। जांच-पड़ताल में पता चला कि फर्जी आधार कार्ड हासिल करने के लिए आरोपी ने क्षेत्र के एक प्रधान की रिपोर्ट का सहारा लिया था। प्रधान ने बिना किसी जांच पड़ताल के आरोपी को चरित्र प्रमाण पत्र दे दिया था। जिसके आधार पर आरोपी ने आसानी आधार कार्ड हासिल कर लिया। मामले में पुलिस ने प्रधान के खिलाफ सबूत इकट्ठा करना शुरू कर दिया है।
बीते रविवार को पुलिस एलआईयू के सहयोग से सत्यापन अभियान चलाते हुए भगवानपुर से बांग्लादेशी नागरिक आलोक मुखर्जी निवासी ग्राम सुड्डाग्राम जिला जसोर(बांग्लादेश) को गिरफ्तार किया था। उसके पास से फर्जी दस्तावेजों की सहायता से तैयार किया गया आधार कार्ड भी बरामद हुआ था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले साल 17 अक्टूबर को बांग्लादेश से 90 दिन के टूरिस्ट वीजा पर वेनापुल बंगाल से सहारनपुर पहुंचा। वहां से डॉ. मुकुल मजूमदार निवासी ग्राम नूतनपल्ली पोस्ट राउतराय थाना चकदा जिला नादिया (पश्चिम बंगाल), हाल निवासी भगवानपुर थाना सहसपुर उसे अपने साथ लेकर यहां आ गया। उसने उसे अपनी क्लीनिक में बतौर कंपाउंडर रख लिया। एक माह बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसका आधार कार्ड भी बनवा दिया। थानाध्यक्ष नरेश राठौर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। आरोपी की आधार कार्ड हासिल करने में मदद करने वाले लोगों का चिन्हीकरण शुरू कर दिया गया है। शीघ्र उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।