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स्कूटी की डिग्गी से रकम उड़ाने वाला शातिर चोर दबोचा

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ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला।
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20 मार्च को एसबीआई बैंक डोईवाला के बाहर पार्क स्कूटी की डिग्गी से दो लाख रुपये चोरी करने का मामला आखिरकार डोईवाला पुलिस ने सुलझा लिया है। काफी छानबीन के बाद पुलिस ने 25 दिनों बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके तीन साथी फरार होने में कामयाब हो गए। गिरफ्तार किए गए आरोपी से पुलिस ने एक लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। बीते 20 मार्च को झबरावाला निवासी रविंद्र सिंह रावत पुत्र मोहन सिंह रावत ने एसबीआई बैंक डोईवाला की शाखा से दो लाख की रकम निकालकर डिग्गी में रख दी थी। किसी काम के लिए वह दोबारा बैंक के अंदर चले गए। जब बाहर आए तो डिग्गी से रकम गायब मिली थी।
कोतवाली के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक योगेंद्र सिंह गुसांई के नेतृत्व में टीम ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से कई फुुटेज जुटाकर कुछ संदिग्ध लोगों को चिह्नित करने के बाद छानबीन शुरू कर दी। बैंक के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे खराब होने के चलते पुलिस के लिए यह मामला बेहद पेचीदा हो गया था। इसके बाद पुलिस ने मुख्य मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों से सबूत जुटाने शुरू कर दिए। सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन और मोबाइल लोकेशन मिलाने के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब हो पाई।
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पुलिस ने कई मुखबिर शराब की दुकानों के आसपास फोटो देकर तैनात किए थे। शुक्रवार की शाम पुलिस को सूचना मिली की कुछ फोटो से मिलते जुलते लोग ठेके आसपास घूम रहे हैं। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को दो बाइक पर चार सवार होकर आए तो फोटो से पहचान होते ही उनको रोकने का प्रयास किया गया। इतने में युवक बाइक छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने उनमें से एक को पकड़ लिया जबकि तीन अन्य अत्यधिक यातायात होने का फायदा उठाकर भाग गए।
पकड़े गए आरोपी की पहचान ओमप्रकाश ऊर्फ ओमे पुत्र निबरे निवासी बल्दूपुरा थाना धानेपुरा जिला गोंडा उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस को आरोपी के पास एक लाख की नकदी बरामद हुई है। पूछताछ में आरोपी ओमे ने घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वारदात को अंजाम देने में उसके भाई फूलचंद और हरीशचंद जबकि रवि पुत्र रामू उसके गांव का रहने वाला है। देशभर में वह घूम घूमकर टप्पेबाजी को अंजाम देते है। एसएसआई योगेंद्र सिंह गुसांई ने बताया कि अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।
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परिवार के पांच भाईयों ने बनाया है चोरी का गैंग
एसएसआई योगेंद्र गुसांई ने बताया कि पकड़े गए आरोपी ने अपने चार अन्य भाइयों के साथ चोरी करने का गैंग बनाया हुआ है। आरोपियों के पास डिग्गी खोलने के लिए अलग-अलग तरह की चाबियां हैं। पहले वह बैंक के अंदर रेकी करते हैं, और फिर चोरी की घटना को अंजाम देते हैं। चोरी करने के बाद कुछ दिनों के लिए गायब हो जाते हैं। चोरी किये रुपयों से कुछ दिन दावत उड़ाने के बाद दोबारा वारदात को अंजाम देने पहुंच जाते हैं। एसएसआई ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। चारों आरोपी बरवार जाति के हैं जिनका पेशा चोरी माना जाता है। उनके पास से विकासनगर से चोरी की हुई एक पासबुक भी बरामद हुई है, इसकी जांच की जा रही है।
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