ब्यूरो/ऋषिकेश। नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक के कार्यालय में मरम्मत कार्य रुकवाने पहुंचे स्वर्गाश्रम ट्रस्ट के उप प्रबंधक और नगर निकाय के कर्मचारियों में विवाद हो गया। हंगामा होने पर आसपास के लोगों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले आई। मामले में नगर पंचायत के सफाई निरीक्षक ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए ट्रस्ट के उप प्रबंधक और 20 से 25 अन्य लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। हालांकि, पुलिस ने अभी मामले में कोई लिखित कार्रवाई नहीं की है।
लक्ष्मणझूला पुलिस के मुताबिक सोमवार को स्वर्गाश्रम ट्रस्ट के उप प्रबंधक करीब 20-25 लोगों के साथ नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक कार्यालय पर ट्रस्ट का हक जताते हुए मरम्मत कार्य रुकवाने की कोशिश की। आरोप है कि इस दौरान ट्रस्ट के उप प्रबंधक व अन्य लोगों ने वहां बनाई जा रही सीढ़ियों और दीवार को ढहा दिया, जिसके चलते हंगामा हो गया।
सफाई निरीक्षक राकेश कुमार वाल्मीकि ने बीच-बचाव किया, तो ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने उनके साथ भी बदसलूकी कर दी। राकेश का आरोप है कि उप प्रबंधक ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन नगर पंचायत के कर्मचारी कार्रवाई की मांग को लेकर अड़ गए। मौके पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई।
निकाय की चेयरमैन शकुंतला राजपूत ने बताया कि स्वर्गाश्रम ट्रस्ट प्रबंधन नगर पंचायत कार्यालय पर अपना हक जता रहा है, जबकि कार्यालय निकाय की भूमि पर स्थापित है। बताया कि इस बाबत ट्रस्ट की ओर से निकाय को एक पत्र भी जारी किया गया है। सफाई निरीक्षक राकेश कुमार वाल्मीकि ने ट्रस्ट के प्रबंधक और 20-25 अज्ञात लोगों पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने व कर्मचारियों से बदसलूकी करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। थानाध्यक्ष प्रदीप राणा ने बताया कि निकाय के कर्मचारी की शिकायत मिली है, मामले की जांच की जा रही है।