गोपेश्वर। 28 नवंबर 2017 को लापता हुई किशोरी आरोपी युवक के साथ नेपाल सीमा क्षेत्र से मिली। किशोरी को भगाने वाला उसके मामा का ही लड़का निकला। पुलिस ने तीन माह बाद चार मार्च की रात को किशोरी को युवक के साथ नेपाल सीमा क्षेत्र स्थित थाना बनबसा के बैराज चेक पोस्ट से गिरफ्तार कर लिया। किशोरी को मेडिकल के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि युवक को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
बीते वर्ष 28 नवंबर को स्कूल गई एक किशोरी घर नहीं लौटी थी। 29 नवंबर को किशोरी के पिता ने थाना गोपेश्वर में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट के निर्देश पर पुलिस ने अपहरण में मामला दर्ज कर दो टीमें गठित की। एक टीम को जिला स्तर पर और दूसरी टीम को अन्य जिलों में किशोरी की खोज के लिए भेज दिया। पुलिस को विवेचना के दौरान पता चला कि किशोरी को उसके मामा का लड़का ही बहला-फुसलाकर भगा ले गया है।
पुलिस टीम ने राज्य के विभिन्न थानों में दोनों के पोस्टर चस्पा करवाए और समाचार पत्रों में विज्ञापन दिया। इस दौरान पुलिस को दोनों के नेपाल जाने की सूचना मिली। इस पर थाना बनबसा के बैराज चेक पोस्ट पर चेकिंग अभियान चलाया गया और चार मार्च को पुलिस ने किशोरी को आरोपी युवक के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट ने पुलिस टीम को 2500 रुपये के ईनाम की घोषणा की है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष कुंदनराम, एसआई जगमोहन सिंह, पूजा मेहरा, पुलिस कर्मी पंकज और आरती शामिल थे।