गोपेश्वर। नगर पंचायत नंदप्रयाग में तैनात एक कर्मचारी की हार्टअटैक से मौत हो गई। मामले में परिजनों ने नगर पंचायत अध्यक्ष किरन रौतेला पर मृतक के मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पंचायत नंदप्रयाग में पुलिस प्रशासन की ओर से पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई।
नगर पंचायत नंदप्रयाग में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत वीरेंद्र सिंह रावत (40) पुत्र सोबन सिंह रावत निवासी झूलाबगड़, नंदप्रयाग तीन दिनों से बीमार थे और अवकाश पर थे। बुधवार शाम को अचानक तबियत खराब होने के बाद उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर्णप्रयाग ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मृतक की पत्नी कुसुम देवी ने पुलिस चौकी नंदप्रयाग में लिखित तहरीर देकर मामले की जांच की मांग उठाई। उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष पर उसके पति के मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। कुसुम ने कहा वे (वीरेंद्र) बीमारी के कारण 19 से 21 फरवरी तक अवकाश पर थे। नगर पंचायत अध्यक्ष ने अवकाश के दौरान ही उन्हें बुधवार को कार्यालय में बुलाकर प्रताड़ित किया गया। साथ ही उन्होंने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर धमकाया गया। इसी तनाव में पति की घर आने के बाद तबीयत बिगड़ी और हृदय गति रुकने से मौत हुई। इधर तनाव को देखते हुए नंदप्रयाग में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई। इधर, नगर पंचायत अध्यक्ष किरन रौतेला का कहना है कि पीड़ित परिवार की ओर से लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। कुछ लोग मामले को तूल दे रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। वहीं, चमोली कोतवाली के थानाध्यक्ष दीपक रावत का कहना है कि पोस्टमार्टम कराया गया है। पीड़ित परिवार की ओर से मिली तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।