ब्यूरो/ऋषिकेश। पुराना रोडवेज बस अड्डा मार्ग पर बनखंडी क्षेत्र में गैस सिलिंडर से घटतौली कर रहे एक निजी गैस एजेंसी के कर्मचारियों को स्थानीय लोगों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। उन्होंने प्रशासन और पुलिस को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर सिलिंडरों की जांच की। इस दौरान डिलीवर किए जा चुके नौ सिलिंडरों में तीन से पांच किलोग्राम रसोई गैस कम पाई गई। जिस पर उन्होंने सप्लाई वाहन को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
बताया गया कि इस बाबत संबंधित गैस कंपनी के अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। रविवार को पुराना रोडवेज बस अड्डा रोड पर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के समीप हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी व निजी गैस एजेंसी उमा गैस सर्विस के कर्मचारियों को सामाजिक कार्यकर्ता पंकज गुप्ता ने रसोई गैस सिलिंडरों से रिफलिंग करते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। इस दौरान कर्मचारियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय लोगों ने उन्हें फरार होने का मौका नहीं दिया। इस बीच मौके पर स्थानीय निवासी दीपक जोशी, देवव्रत, सनोज सैनी, दीपक थापा आदि एकत्रित हो गए। लोगों ने सिलिंडरों में रिफलिंग की जानकारी एसडीएम हर गिरि और कोतवाली पुलिस को दी। जिस पर तहसीलदार रेखा आर्य और चीता पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।
पंकज गुप्ता ने तहसीलदार को घटनाक्रम की जानकारी दी और सिलिंडर की जांच कराने के लिए कहा। इस दौरान कर्मचारियों के पास से रिफलिंग की नोजल बरामद हुई। तहसीलदार ने गैस सिलेंडर सप्लाई वाहन को पुलिस के सुपुर्द कर एजेंसी संचालक व एचपी कंपनी के अधिकारियों को सूचित कर दिया। बताया कि वाहन में कुल 38 सिलेंडर लदे थे। एचपी कंपनी के अधिकारियों को रिफलिंग की जानकारी दे दी गई है।
नौ सिलेंडर हुए थे डिलीवर, सबमें कम पाई गई गैस
रिफलिंग करते हुए पकड़ में आने से पूर्व गैस एजेंसी के वाहन से नौ रसोई गैस सिलेंडरों की डिलीवरी उपभोक्ताओं को की जा चुकी थी। इसके बाद लोगों ने सभी उपभोक्ताओं के घरों से डिलीवर सिलेंडर मौके पर मंगाए और उनका तहसीलदार के समक्ष तौल किया गया। सभी सिलेंडरों में दो किलोग्राम से पांच किलोग्राम तक रसोई गैस कम पाई गई।
लगातार तीसरी बार पकड़ी गई रिफलिंग
सामाजिक कार्यकर्ता पंकज गुप्ता ने बताया कि वह उक्त कंपनी व एजेंसी के गैस डिलीवर वाहन को लगातार तीसरी बार रिफलिंग करते हुए पकड़ चुके हैं। आरोप लगाया कि इससे पूर्व भी प्रशासन को घटतौली की शिकायत की गई मगर प्रशासन लापरवाह बना रहा। रविवार को फिर से रिफलिंग का मामला सामने आने पर प्रशासन सक्रिय हुआ। इसके लिए उन्होंने पहले उपजिलाधिकारी और उसके बाद डीएम एसए मुरुगेशन से भी मौके से दूरभाष से शिकायत की। इसके बाद कार्रवाई हो पाई।