ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। दून की एक पैकेजिंग कंपनी के मालिक को चेक बाउंस के तीन मामलों में अदालत ने दोषी करार देते हुए तीन-तीन माह की सजा सुनाई है। सिविल जज चतुर्थ सीनियर डिवीजन सचिन कुमार की अदालत ने दोषी पर चेक का कुल 37.50 लाख रुपये जुर्माने के रुप में अदा करने के आदेश दिए हैं। साथ ही प्रत्येक मामले में से 10-10 हजार रुपये राज्य के पक्ष में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। जुर्माना अदा नहीं किया तो दोषी को तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
शिकायतकर्ता अश्वनी शर्मा (निवासी कालीदास रोड) गणपति रसायन नाम से फर्म चलाते हैं। उनकी फर्म, कई कंपनियों को कागज, रसायन आदि कच्चा माल सप्लाई करती हैं। वर्ष 2014 में उन्होंने ईशा पैकेजिंग नाम की कंपनी को भी गत्ते के डिब्बे बनाने के लिए कच्चा माल दिया। इस कंपनी के मालिक संजीव जिंदल निवासी बल्लुपुर में हैं। आरोप है इसके एवज में संजीव जिंदल की ओर से हस्ताक्षर कर उनकी फर्म के नाम दिए गए तीन चेक बाउंस हो गए। इस पर पीड़ित ने रकम मांगी तो उन्हें वापस नहीं की। पीड़ित ने अपने अधिवक्ता आलोक पुंडीर और रॉबिन पुंडीर केमाध्यम से आरोपी संजीव की फर्म के खिलाफ एनआई एक्ट के तहत तीनों मामलों में न्यायालय में केस दायर कर दिया। अधिवक्ता रोबिन ने बताया कि बुधवार को चतुर्थ अपर सिविल जज सचिन कुमार की अदालत ने बुधवार को संजीव जिंदल को दोषी करार देते हुए फैसला सुनाया। संजीव पर तीनों चेकों को लेकर कुल 37.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इनमें तीस हजार रुपये राज्य कोष में जमा होंगे। दोषी को तीनों मामलों में अलग-अलग सजाएं भुगतनी होंगी।