ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने बिना प्रशिक्षण के मरीज का एक साल तक डायलिसिस करने वाले चिकित्सक समेत तीन लोगों के मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के साथ मामले की जांच भी शुरू कर दी है।
पूर्वावली गणेशपुर निवासी स्वतंत्र कुमार ने एसीजेएम कोर्ट में प्रार्थना देकर बताया था कि उन्होंने अपनी पुत्री सुनेमा का इलाज गणेशपुर स्थित भटनागर नर्सिंग होम में कराया था। उन्होंने तीन अप्रैल को 2017 को अपनी पुत्री का डायलिसिस शुरू कराया। डॉक्टर की ओर एक साल तक उनकी पुत्री का डायलिसिस कराया गया। इसी बीच जब उन्होंने डॉक्टर की डिग्री के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि डॉक्टर ने डायलिसिस का तो प्रशिक्षण ही नहीं लिया है। बेटी के स्वास्थ्य में सुधार न होता देख उन्होंने एक माह पूर्व अपनी पुत्री को जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल में भर्ती कराया। एसीजेएम कोर्ट ने प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के बाद गंगनहर पुलिस को भटनानगर नर्सिंग होम के संचालक डॉ. जेएम भटनागर, उनकी पत्नी डॉ. संध्या भटनागर और टेक्नीशियन हंसराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। एसएसआई रणजीत तोमर ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर डॉक्टर सहित दो अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस संबंध में डॉ. जेएम भटनागर को फोन कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ आता रहा। उनका पक्ष आने पर उसे भी हूबहू प्रकाशित किया जाएगा।