ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
थानों से अब फरियादी को लौटाने पर थानेदारों की खैर नहीं। अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार (कानून व्यवस्था) अशोक कुमार ने इस बाबत शनिवार को सर्कुलर जारी किया है। सर्कुलर में सभी पुलिस कप्तानों को कड़े आदेश दिए गए हैं। साथ ही पुलिस के फरियादी को टरकाने के रवैये पर कड़ी नाराजगी भी जताई है।
अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार का कहना है कि लंबे समय से उन्हें कई थानों से फरियादियों के लौटाए जाने की शिकायत मिल रही हैं। इससे फरियादियों को अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ऐसे में कई बार छुट्टी या किसी अन्य काम से अधिकारी बाहर होने पर फरियादी को अनावश्यक भटकना पड़ता है। इसका फायदा अपराधियों और असामाजिक तत्वों को होता है। अपर पुलिस महानिदेशक के अनुसार यदि थाने में शिकायत रिसीव नहीं की जाती है तो संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा अपर पुलिस अधीक्षकों और क्षेत्राधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई है।
अब आगे क्या ?
सभी एसपी अपने मातहत एसएचओ को इस पत्र के हवाले से फरियादी को टरकाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देते हुए पत्र लिखेंगे। क्राइम मीटिंग में भी हिदायत दे सकते हैं कि फरियादियों को टरकाया तो खैर नहीं। एकाध मामले में थाना इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई भी सकती है।
मुस्कराएंगे एसएचओ और कहेंगे..
एचएचओ इस सर्कुलर के हवाले से जारी पत्र को देखकर मुस्कराएंगे । बेपरवाही से पत्रों के ढेंर में डाल देंगे और मन ही मन गिनेंगे कि उनके करियर में ऐसे कितने पत्र मिले। कितनी हिदायतें दी गईं। अधिकारियों पर तीखी टिप्पणी भी कर सकते हैं। यह भी कह सकते हैं, होते थाना इंचार्ज तो पता चलता। मगर, अमल में लाने वाली बात, न बाबा ना।
नतीजा
फरियादी टरकाए जाएंगे । धक्के खाएंगे। भविष्य में भी ऐसे सर्कुलर बार-बार लिखे जाएंगे।