अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
ज्वालापुर क्षेत्र की एक महिला एवं उसकी बेटी से कोतवाली ज्वालापुर में तैनात रहे दारोगा प्रदीप कुमार पर रेप करने का आरोप है। आरोप है कि दारोगा के साथ- साथ उसके दो साथी भी महिला के साथ कई वर्ष पहले गैंगरेप कर चुके हैं। डीजीपी अनिल रतूड़ी से शिकायत करने पर कोतवाली ज्वालापुर में दारोगा और उसके दो साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने डीजीपी अनिल रतूड़ी को दिए पत्र में अपनी आपबीती बताई। उसका कहना है कि पति के अपाहिज होने से वह मजबूरी में तब अनिल कुमार एवं ईश्वर चंद्र के संरक्षण में अवैध शराब बेचकर परिवार का भरण पोषण करती थी। तब पुलिसकर्मी प्रदीप कुमार का उन्हें संरक्षण था। आरोप है कि तब तीनों उसके घर में शराब पीते थे और उससे शारीरिक संबंध बनाते थे। मजबूरी के चलते वह विरोध नहीं कर पाती थी।
पति की मौत के बाद उसने अवैध शराब से किनारा कर लिया, लेकिन दारोगा बनने के बाद पुलिसकर्मी प्रदीप कुमार ज्वालापुर में तैनात होने पर फिर से उसके घर आने लगा और उसकी बड़ी बेटी से जबरन शारीरिक संबंध बनाए। विरोध करने पर उसके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती रही। पीड़िता ने गुहार लगाई कि आरोेपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर वह बेटियों के साथ आत्मदाह कर लेगी। डीजीपी अनिल रतूडी के आदेश पर ज्वालापुर पुलिस ने एसआई प्रदीप कुमार, अनिल कुमार एवं ईश्वर चंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं मां- बेटी से रेप जैसे गंभीर अपराध में फंसे दारोगा प्रदीप कुमार पर कार्रवाई करने के बजाय उसे खड़खड़ी चौकी का प्रभारी बना दिया गया।
स्थानीय स्तर पर नहीं मिला न्याय
पीड़िता ने स्थानीय स्तर पर इंसाफ नहीं मिलने का डीजीपी से की गई शिकायत में भी उल्लेख किया है। लिखा है कि उसने एक सीओ को पूरे घटनाक्रम से कई बार अवगत कराया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब भी शिकायत की तब-तब दारोगा ने उसे प्रताड़ित किया। पीड़िता ने डीजीपी से भी गुहार लगाई कि उसकी शिकायत को गोपनीय रखा जाए।
गायब है पीड़ित परिवार
मुकदमा दर्ज होने के बाद से पीड़ित परिवार गायब है। परिवार आखिर कहां गया है, इसे लेकर तरह- तरह की चर्चा है।
मीडिया से छिपाए रखा प्रकरण
पिछले माह पीड़िता की शिकायत पर हरिद्वार पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं होने के बाद उसने डीजीपी का दरवाजा खटखटाया। 28 दिसंबर को ज्वालापुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के बाद उसे मीडिया से छिपाए रखा गया।
दारोगा समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पीड़िता या उसका परिवार वास्तविकता में है ही नहीं, इस तरह की बात भी सामने आ रही है। पूरे मामले की गहनता से जांच करा रहे हैं। शिकायत डाक से मिली थी। डीजीपी से मां- बेटी ने मुलाकात नहीं की है। दारोगा को चौकी प्रभारी बना देने की बात मेरे संज्ञान में नहीं है, इसकी जानकारी की जाएगी। - अशोक कुमार, एडीजी कानून व्यवस्था