पुलिस को तीसरी आंख का सहारा
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
साल 2017 को अलविदा कहने से पांच दिन पहले हुई बड़ी लूट के खुलासे को पुलिस को तीसरी आंख का ही सहारा है, क्याेंकि पुलिस की पूरी जांच सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस पर ही टिकी है। घटनास्थल के किसी कैमरे से तो पुलिस को कुछ नहीं मिला, मगर पुलिस उन तमाम इलाकों के फुटेज देख रही है, जहां से फाइनेंस कर्मचारी गुजरा है, ताकि यह साफ हो सके कि उसका पीछा कहां और किस तरह से किया जा रहा था। चीता मोबाइल को इन इलाकाें के कैमरों की फुटेज उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
कालिदास मार्ग पर फाइनेंस कर्मचारी से हुई 22 लाख रुपये की लूट की वारदात का खुलासा करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है, क्योंकि बीत रहे वर्ष 2017 में इतनी बड़ी रकम पहली बार लुटी गई है। इसलिए पुलिस के लिए यह घटना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद पुलिस की पूरी माथापच्ची सीसीटीवी कैमरों पर रही। कालिदास मार्ग पर लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। पुलिस उन तमाम मार्गों के फुटेज देख रही है, जहां से फाइनेंस कर्मचारी आशुतोष गुप्ता ने कैश लिया था। पुलिस मानकर चल रही है कि हो सकता है कि लुटेरे पहले से उनके पीछे लगे हों। उस क्षेत्र कीचीता मोबाइल देर रात तक फुटेज का इंतजाम करने में जुुटी रही।
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बाहरी हो सकते हैं लुटेरे
पुलिस मान रही है कि आंखों में जिस तरह मिर्च झाेंककर लूट हुई है, उससे लग रहा है किर अपराधी बाहर के हो सकते हैं। इस तरह का ट्रेंड वेस्ट यूपी में ज्यादा है। पहले हुई इस तरह की घटनाआें में बाहरी लोगों की संलिप्तता पाई गई थी।
उपचार दिलाकर पीड़ित से तस्दीक कराई रकम
आंखों में लाल मिर्च डलने के कारण आशुतोष गुप्ता की काफी देर तक हालत खराब रही। दून अस्पताल में उपचार दिलाने के बाद पुलिस ने कई चरण में गुप्ता से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। यह भी तस्दीक कराया कि किस कंपनी से कितना भुगतान प्राप्त हुआ। पहले 20 लाख रुपये की बात सामने आई थी, शाम तक धनराशि 22 लाख तक पहुंच गई। पुलिस ने कं पनी के अधिकारियों से भी बात की। गुप्ता के व्यक्तित्व को लेकर भी सवाल किए गए, बताया गया कि गुप्ता फाइनेंस कंपनी से कई साल से जुडे़े हैं।
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फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी से हुई लूट के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीम गठित की गई हैं। सीसीटीवी फुटेज भी देखी जा रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा।
- निवेदिता कुकरेती, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक।