हाथियों को दुर्घटना से बचाने को रेलवे ट्रैक पर लगाए सेंसर
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
नए साल में राजाजी के ‘गजराज राजा’ और देश भर के वन्य जीव प्रेमियों के लिए खुशी की खबर है। राजाजी टाइगर रिजर्व के हाथियों को अब रेलवे ट्रैक पर कटने से बचाया जा सकेगा। इसके लिए डेंजर जोन कासरो से होकर गुजरने वाले ट्रैक के किनारे सेंसर लगाए गए हैं। हाथियों के इसके नजदीक आने पर कंट्रोल रूम में अलार्म बजने लगेगा, जिसके बाद अलर्ट जारी कर दिया जाएगा। प्रयोग के तौर पर अभी 10 सेंसर लगाए गए हैं। नए साल से यह पूरी तरह से काम करना शुरू कर देंगे।
राजाजी टाइगर रिजर्व से होकर गुजरने वाले रेलवे ट्रैक पर हाथियों के कटने के अब तक करीब 25 मामले सामने आ चुके हैं। बीते वर्ष 2016 में रायवाला में रेलवे ट्रैक पर कटकर एक हाथी की मौत हो गई थी। जबकि इससे पहले 2013 में दो हाथियों की ट्रैक पर कटकर मौत हुई थी। इसके अलावा भी हर दूसरे-तीसरे साल हाथियों के ट्रैक पर कटने के मामले सामने आते रहे हैं। राजाजी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के मुताबिक रेलवे ट्रैक पर अब तक करीब 25 हाथी कटकर मर चुके हैं। हालांकि इस क्षेत्र से रेल के गुजरने के दौरान रेल की गति धीमी रहती है और हाथी संभावित स्थानों पर हॉर्न बजाया जाता है। इसके अलावा पार्क प्रशासन के कर्मचारियों और अधिकारियों की ओर से गश्त की जाती है, लेकिन इसके बाद भी हाथियों के ट्रैक पर कटकर मौत के मामले सामने आते रहे हैं। हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखकर उन्हें दुर्घटना से बचाया जा सके, इसके लिए वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट की ओर से कासरो में सेंसर लगा दिए गए हैं। प्रयोग के तौर पर अभी लगभग एक किलोमीटर के दायरे में इन्हें लगाया गया है। प्रयोग सफल रहा तो इसे अन्य स्थानों पर भी लगाया जाएगा।
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हाथियों के रेलवे ट्रैक में कटने के मामलों को कम किया जा सके इसके लिए रेलवे ट्रैक के किनारे सेंसर लगा दिए गए हैं। हाथियों के इसके नजदीक आते ही रेंज कार्यालय में बने कंट्रोल रूम में अलार्म बजने लगेगा और अलर्ट जारी कर दिया जाएगा।
-प्रदीप कुमार, वन्य जीव प्रतिपालक, राजाजी टाइगर रिजर्व