बहादाबाद। वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे दोमुंहा सांप ले जा रहा एक युवक चढ़ गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अपने खेत से सांप मिलने की बात कबूली। उसके बाद पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। देर शाम तक पुलिस अधिकारी आरोपी से पूछताछ में जुटे रहे।
प्रतिदिन की तरह बहादराबाद पुलिस पथरी रौ पुल पर चेकिंग कर रही थी। मंगलवार शाम पुलिस टीम ने पथरी रौ पुल पर बाइक सवार एक युवक को रोक लिया। युवक से बाइक के कागजात मांगे लेकिन, वह कागज नहीं दिखा पाया। इसी बीच पुलिस की निगाह बाइक के पीछे बंधे सफेद प्लास्टिक के कट्टे पर पड़ी। पुलिस ने युवक से जब पूछा कि इसमें क्या है तो उसने तपाक से दो मुंहा सांप होने की बात बता दी। पुलिसकर्मियों की सूचना पर एसओ मनोहर भंडारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बाइक पर बंधे कट्टे को नीचे उतरवाया और कनस्तर खोलते ही दो मुंहा सांप बाहर निकलने लग गया। किसी तरह कनस्तर बंद कर पुलिस तुरंत युवक को थाने लेकर पहुंची। यहां पूछताछ में युवक ने अपना नाम धर्मेश पुत्र राजेंद्र निवासी पूरणपुर, रानीपुर बताया। उसने कबूला कि उसे यह सांप दो दिन पहले उसके खेत में ही मिला है। वह इसे पिरान कलियर क्षेत्र में बेचने जा रहा था। थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में युवक ने यही कबूला है, वह किसी वन्यजीव तस्कर गैंग से नहीं जुड़ा है। मुकदमा दर्ज कर युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। कोर्ट में पेश करने के बाद इसे जेल भेजा जाएगा। जबकि दो मुंहा सांप वन विभाग को दिया गया है।
एक करोड़ है कीमत
बहदराबाद। दो मुंहे सांप की कीमत इंटरनेशनल बाजार में एक करोड़ बताई जा रही है। ऐसे सांपों का इस्तेमाल तंत्र-मंत्र और शक्तिवर्द्धक दवा बनाने में किया जाता है। चीन समेत एशिया के कई देश इन सांपों के खरीददार हैं। कुछ समय पहले भी रुड़की में ऐसे सांप बरामद किए गए हैं। तब यह बात सामने आई थी कि आरोपियों ने 50 लाख में सांप बेचने की बात की थी।
युवक के अनाड़ीपन से खुली खाकी की किस्मत
हरिद्वार। कीमती दो मुंहे सांप की डील करने की मंशा लेकर घर से निकले धर्मेश के अनाड़ीपन से बहादराबाद पुलिस की किस्मत खुल गई। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े धर्मेश को इतना इल्म था कि उसकी अब लॉटरी खुल गई है परंतु दूर-दूर तक उसने यह नहीं सोचा था कि यह सांप कानून का फंदा बनकर उसके गले में लिपट जाएगा।
अनाड़ी युवक ने बड़े सरल भाव से दोमुंहे सांप के कनस्तर में होने की बात एक झटके में उगल दी। ये बात तो पुलिस भी कह रही है कि युवक की संलिप्तता वन्यजीव अंगों की तस्करी करने वाले किसी गैंग से नहीं है। इस सांप की बाजार में असल कीमत का ज्ञान युवक को दूर-दूर तक नहीं था। न उसे यह पता था कि सांप का खरीददार आखिर कौन होगा। पूछताछ में उसने इतनी बात जरूर बताई कि इस सांप के बदले उसे हजारों रुपये मिलने वाले थे लेकिन, वह यह नहीं बता पाया कि आखिर सांप को पिरान कलियर में किसे बेचना था। बस सरल भाव से इतना बोला कि साहब, कोई तो खरीद ही लेता, जब वह सांप लेकर बाजार में जाता। युवक के अनाड़ीपन का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि वह अपनी बाइक पर एक बड़े से कनस्तर में सांप को रखकर उसे बेचने निकला था। उसे पता नहीं था कि यह सांप जहर के अलावा कानूनी रूप में भी उसके लिए जहरीला साबित होगा। अंदर ही अंदर पुलिस अपनी इस बड़ी उपलब्धि पर खुश है। पुलिस ने दबी जुबां में युवक के अनाड़ीपन का शुक्रिया अदा किया।