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भगाई नहीं थी बहनें, काम के सिलसिले में गई थी दून

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श्रीनगर। दूसरे समुदाय के युवकों के साथ बहनों की दून में बरामदगी के बाद कीर्तिनगर बाजार में तोड़फोड़ और मारपीट के आरोप में कोतवाली पुलिस ने 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कोतवाल चंदन सिंह चौहान ने कोतवाली में शनिवार को स्वयं एफआईआर दर्ज कराई। केस पंजीकृत होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
चौहान के अनुसार बाजार में उपद्रव की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। 40 से 50 लोग दो दुकानों में तोड़फोड़ करने के बाद एक आरोपी की मोबाइल फोन शॉप में तोड़फोड़ करने को आमादा थे। पुलिस के रोकने पर अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि दोनों लड़कियों ने अपनी मर्जी से देहरादून जाने की बात कही है। उनकी मां ने भी इसकी पुष्टि की है कि वे काम से देहरादून गई थी। लिहाजा भगाने का कोई मामला नहीं है। रविवार को माहौल शांत रहा। सीओ नरेंद्र नगर विनोद कुमार, कोतवाल चंदन सिंह और थानाध्यक्ष विनोद राणा नजर रखने के लिए बाजार क्षेत्र में डटे रहे।
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काम के सिलसिले में दून गईं थी बहनें
लड़कियों की मां ने भी भगाए जाने की बात से किया इनकार
कीर्तिनगर/श्रीनगर। दो सगी बहनों (एक नाबालिग) के देहरादून में दूसरे समुदाय के युवकों के साथ पकड़े जाने के मामले में लड़कियों की मां ने कहा कि उनकी बेटियां लापता नहीं थीं बल्कि वे काम से दून गई हुई थीं।
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पुलिस शनिवार देर रात दोनों बहनों को कीर्तिनगर ले आई। पुलिस को बड़ी बहन ने बताया कि वह एक फर्म में काम करती है और फर्म के काम से ही देहरादून गई थी। देहरादून में ही उन्हें परिचित दोनों युवक मिल गए। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। लड़कियों की मां ने बताया कि देहरादून में पुलिस की ओर से बेटियों को पकड़े जाने की सूचना मिलने के बाद वह शनिवार को देहरादून चली गई थी। उसकी बेटियों को किसी ने नहीं भगाया, बल्कि वह घर से बताकर देहरादून गई थी।
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