अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
उधार दी गई रकम को ब्याज सहित अदा करने की जिद ने ही प्रसाद विक्रेता महिला शोभा की जान ली थी। जीजा ने योजनाबद्ध ढंग से रुडकी ले जाकर उसकी गला घोटकर हत्या कर शव प्लास्टिक के कट्टे में डालकर गंगनहर में फेंका था। कोतवाली पुलिस की पूछताछ में जीजा कुलदीप ने अपना गुनाह कबूला है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्षेत्र की ब्रह्मपुरी की रहने वाली शोभा पत्नी गोपाल 26 अगस्त को लापता हो गई थी। विष्णुघाट क्षेत्र में प्रसाद बेचने वाली शोभा ने परिजनों से रुडकी में रहने वाले जीजा कुलदीप से उधार दी गई रकम वापस मांगने के लिए जाने की बात कही थी। पुलिस ने तफ्तीश शुरू ही की थी कि 30 अगस्त को उसका शव आसफनगर झाल मंगलौर से बरामद हुआ था। मृतका के हाथ पैर बंधे हुए थे और जीभ बाहर निकली हुई थी। पति गोपाल ने जीजा कुलदीप पर हत्या करने का संदेह व्यक्त किया था।
हरिद्वार कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि सख्ती से की गई पूछताछ में कुलदीप ने बताया कि उसने अपनी साली शोभा से एक लाख 35 हजार की रकम ली हुई थी। अब वह मयब्याज के ढाई लाख देने की मंाग कर रही थी। बताया कि साली को चंडीघाट चौक पर बुलाकर वह सीधे रुडकी में शंकरपुरी में अपने प्लॉट पर ले गया। जहां झोपड़ी में उसने साली की ही चुन्नी से उसका गला घोटकर हत्या कर दी और शव को प्लास्टिक के कट्टे में ठूसकर गंगनहर में फेंक दिया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि आरोपी कुलदीप पुत्र सतपाल निवासी शिवपुरम गली नंबर एक पनियाला रोड रुडकी को गिरफ्तार कर लिया। शव को ठिकाने लगाने में प्रयुक्त साइकिल एवं मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया।
कछुआ खरीदने का बनाया था बहाना
हरिद्वार। पेशे से बढ़ई आरोपी जीजा ने साली की हत्या करने की योजना बनाी ली थी। कछुआ खरीदकर उसे महंगे दाम में बेचकर पैसा कमाने का लालच भी उसने अपनी साली को दिया था। वह उसी दिन कछुआ खरीदने की बात कहकर ही साली को लेने पहुंचा था। लेकिन शोभा को क्या पता था कि यह दिन उसकी जिंदगी का आखिरी दिन होगा।