अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
चौबीस घंटे में ही दिल्ली के बुजुर्ग किसान सुशील त्यागी ने बयान बदल दिए। शूटरों में मनीष की बजाय अब उसके भाई अविनाश के शामिल होने की जानकारी दी है। इधर, नामजद शूटरों की लोकेशन लेने के लिए पुलिस की एक टीम ने दिल्ली में डेरा डाल लिया है। इधर, बुजुर्ग किसान आईसीयू में ही भर्ती है। पुलिस का दावा है कि पूरे घटनाक्रम का जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।
रविवार देर रात हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर कार सवार दिल्ली के बुराडी निवासी बुजुर्ग किसान सुशील त्यागी पर दो बाइक पर सवार चार हमलावरों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाई थी। पैर में दो गोली लगने पर बुजुर्ग को भूमानंद धर्मार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार को पहुंचे बुजुर्ग किसान के दोस्त प्रदीप राणा ने बुराडी के ही रहने वाले मनीष, अमर, प्रवीण और कृष्ण के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। दावा किया था कि किसान ने इन सभी को पहचाना था। लेकिन मंगलवार को जब ज्वालापुर पुलिस अस्पताल पहुंची तब आईसीयू में भर्ती किसान ने एक हमलावर की पहचान मनीष की बजाय उसके भाई अविनाश के रूप में कर दी। अविनाश वहीं है जिसकी हत्या के प्रयास के आरोप में बुजुर्ग को जेल जाना पड़ा था। इधर, एसआई लक्ष्मी प्रसाद की अगुवाई में एक पुलिस टीम ने दिल्ली में डेरा डाल लिया है।
पुलिस टीम नामजद आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है कि वे रविवार रात आखिर कहां थे। इधर, सीआईयू की मदद से ज्वालापुर पुलिस भी आरोपियों के मोबाइल फोन नंबरों की लोकेशन ले रही है। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि पूरे मामले से जल्द पर्दा उठा दिया जाएगा।