ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
आयकर विभाग की कार्रवाई की जद में आए सचिवालय के पांच अफसरों ने फिलहाल 15 दिनों की मोहलत मांगी है। उनका कहना है कि चूंकि इन दिनों वह विधानसभा सत्र की तैयारियों में जुटे हुए हैं, इसलिए सवालों का जवाब नहीं दे सकते हैं। आयकर विभाग ने इन पांचों अफसरों को नोटिस जारी करते हुए उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड (यूपीआरएनएनएल) के पूर्व महाप्रबंधक शिव आसरे शर्मा के साथ लेनदेन पर जवाब मांगा था।
यूपीआरएनएन के पूर्व महाप्रबंधक शिव आसरे शर्मा के ठिकानों पर आयकर विभाग की टीमों ने अप्रैल 2017 में छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान एसए शर्मा की अकूत दौलत का पर्दाफाश हुआ था। साथ ही यह बात भी सामने आई थी कि एसए शर्मा किस तरह से अपने बेटे को ठेके दिलाते थे। बेटे को ठेके दिलाने में सचिवालय के पांच आईएएस अफसर अहम भूमिका निभा रहे थे। आयकर विभाग की टीम ने जब गहराई से जांच की तो पता चला कि एसए शर्मा की ओर से इन अफसरों के साथ मोटा लेनदेन किया गया है। नतीजतन, आयकर विभाग ने सचिवालय के इन पांचों अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इस नोटिस से पूरे सचिवालय में हड़कंप मच गया था। आयकर विभाग ने शिकंजा कसा तो अफसरों ने नोटिस रिसीव कर लिए। सूत्रों के मुताबिक सचिवालय के इन अफसरों ने अब आयकर विभाग से 15 दिन का समय मांगा है। उनका कहना है कि चूंकि वह विधानसभा सत्र की तैयारी में व्यस्त हैं, इसलिए अभी जवाब देने नहीं आ सकते हैं।
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बात निकलेगी तो दूर तक जाएगी
सचिवालय के अफसरों की आयकर जांच आगे बढ़ने के साथ ही कई और राज का पर्दाफाश होगा। इसके तहत एक ओर जहां निर्माण निगम जैसी संस्था को काम देने में कमीशनबाजी की जांच की जा रही है तो दूसरी ओर निगम के पूर्व महाप्रबंधक एसए शर्मा के बेटे की कंपनी को काम देने के बदले में ली जाने वाली सुविधा भी जांची जा रही है।