क्रिसमस को लेकर सजने लगे गिरजाघर
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
ईसाई समुदाय के सबसे बड़े पर्व प्रभु यीशु के जन्मदिन (क्रिसमस) की तैयारियां तेज हो गई है। स्कूल, घरों और गिरजाघरों में साफ-सफाई की जा रही है। गिरजाघरों और घरों में क्रिसमस ट्री को रंगीन लाइटों से सजाया जा रहा है। इसके अलावा भव्य झांकियां भी बनाई जा रही हैं।
ईसी रोड़ स्थित कैथोलिक चर्च सेंट फ्रांसिस के फॉदर वैलेरियन पिंटो ने बताया कि चर्च में प्रभु यीशु और मरियम की झांकी लोगों और बच्चों के लिए आकर्षण का कें द्र रहेगी। बताया कि प्रभु यीशु का जन्म गोशाला में हुआ था। इस लिए क्रिसमस पर गौशाला की झांकी का बड़ा महत्व होता है। 24 दिसंबर को इस झांकी के आगे ही लोग प्रार्थना करेंगे। इस बार प्रभु यीशु के जन्म के प्रतीक स्थल की आकर्षक झांकी के साथ यीशु के बाल रूप और मरियम की झांकी भी तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि चर्च में प्रभु की याद में प्रार्थना सभा के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा।
24 दिसबंर को होगी विशेष प्रार्थना
सेंट फ्रांसिस चर्च में 24 दिसंबर की रात से ही विशेष प्रार्थना शुरू हो जाएगी। इसी के साथ रात को 12 बजे प्रभु के जन्म होते ही केक भी काटा जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बच्चे प्रभु यीशु से जुड़े नाटक और गानों नर प्रस्तुति देंगे। 24 की रात से ही क्रिसमस का उत्सव शुरू हो जाएगा और 25 दिसंबर की रात तक चलेगा।
कैरल्स के लिए रोज निकलते है युवा
आया ईशु मसीहा आया, जगत में आज आया, शांति का संदेश देने आया, प्रेम हमें सिखाने आया। ऐसे ही गीत गाते हुए सेंट फ्रांसिस चर्च से रोज काफी संख्या में युवा कैरल्स के लिए निकलते हैं। युवा घर - घर जाकर गीत के मध्यम से ईशा मसीह के जन्मोत्सव के संदेश को सुनाते हैं।
घरों में बनने लगे पकवान
क्रिसमस की खुशी पकवानों के बिना अधूरी होती है। इसीलिए अभी से घरों में पकवान बनने शुरू हो गए है। रम केक, जिंजर वाइन, डोन्लड, सलोनी, मीठा, नमकीन सहित तरह - तरह के पकवान रोजाना रसोई घर में बनते नजर आएंगे।
आध्यात्मिक तैयारी भी
सेंट फ्रांसिस चर्च के फॉदर वैलेरियन पिंटो कहते है कि तीन दिन पहले से विशेष प्रार्थनाएं की जाती हैं। चर्च की सजावट के साथ - साथ आध्यात्मिक तैयारी भी होती है। इस दौरान लोग कनफेसन कर अपने मन को हल्का करते है। लोगों का ऐसा मानना है कि अपनी बातों को प्रभु के सामने कंफेस करने से प्रभु उन्हें माफ कर देते हैं।