ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
चारधाम यात्रा के आगाज के साथ ही पुलिस की 43 अस्थाई पुलिस चौकियां भी अस्तित्व में आ गईं। इसके अलावा यात्रा मार्ग पर 278 डेंजर जोन चिह्नित कर अनहोनी टालने को पुलिस की तैनाती की गई है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमनोत्री, गंगोत्री और हेमकुंड साहिब मार्ग पर 30 स्थानों पर एसडीआरएफ की आपदा राहत टीम की तैनाती की गई है।
गढ़वाल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अजय रौतेला ने चारधाम यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुआें की सुरक्षा और सुचारु यातायात के लिए पूरी तैयारी का दावा किया गया है। आईजी के अनुसार पुलिस की 43 अस्थाई पुलिस चौकियों पर पहुंचकर पुलिसकर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है। आपदा प्रबंधन की 42 टीमें लगाई गई हैं, जो लगातार भ्रमण करती रहेंगी। सुरक्षा की दृष्टि 112 स्थानों पर पुलिस मुस्तैद रहेगी। 105 स्थानों पर यातायात संचालन को ट्रैफिक पुलिस लगाई गई है। इसके अलावा टिहरी, पौड़ी, देहरादून और हरिद्वार में जल पुलिस के 23 जवानों को लगाया गया है। भूस्खलन के मद्देनजर अनेक स्थानों पर जेसीबी उपलब्ध करा दी गई है, ताकि मलबा आने की स्थिति में यातायात ज्यादा देर अवरुद्ध ना रहने पाए। ऋषिकेश से लेकर हरिद्वार तक अलग से यातायात प्लान बनाया गया है। पूरे यात्रा मार्ग पर 278 डेंजर जोन चिह्नित किए गए हैं, जहां पर चेतावनी बोर्ड लगाने के अलावा पुलिस टीम लगाई गई है।
-रात नौ बजे के बाद वाहन संचालन पर रोक
पुलिस महानिरीक्षक अजय रौतेला ने बताया कि चारधाम यात्रा मार्ग पर रात नौ बजे के बाद यातायात संचालन बंद कर दिया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से ऋषिकेश के अलावा रुद्रप्रयाग से केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को आगे नहीं जाने दिया जाएगा।