फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली के कारोबारी को पांच साल की कैद, 75 लाख जुर्माना

विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
विज्ञापन

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से लोन लेकर वापस न करने वाले दिल्ली के कारोबारी को अदालत ने पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश सीबीआई सुजाता सिंह की अदालत ने दोषी पर अलग-अलग धाराओं में कुल 75.75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस जुर्माने में से दोषी को 75.62 लाख रुपये बतौर क्षतिपूर्ति बैंक को अदा करने होंगे। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सीबीआई के शासकीय अधिवक्ता अभिषेक अरोड़ा ने बताया कि सुनील जैन पुत्र दयाचंद जैन निवासी राजगढ़ कॉलोनी गांधीनगर स्ट्रीट नंबर-दो दिल्ली, कपड़ों का कारोबारी है। सुनील जैन ने सिद्धार्थ इंडस्ट्री के नाम से एक फर्म भी बनाई थी। वह हरिद्वार और उत्तर भारत में रेडीमेड व अन्य कपड़ों का कारोबार करता था। कारोबार के लिए उसने ज्वालापुर (हरिद्वार) की पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से 75 लाख रुपये का लोन लिया था। बैंक ने सुनील जैन को यह लोन 2010 से 2012 के बीच कई किश्तों में दिया। इसके लिए सुनील ने मुजफ्फरनगर, रुड़की में स्थित अपनी संपत्तियां और फर्म को बंधक के रूप में रखा। इसके बाद छह माह तक सुनील जैन मय ब्याज लोन की किश्तें चुकाईं, लेकिन कुछ समय बाद उसने किश्तें चुकानी बंद कर दी। जांच में बैंक अधिकारियों ने पाया कि उसने जो संपत्तियां गिरवी रखीं थी वे सभी फर्जी हैं। इसके अलावा सिद्धार्थ इंडस्ट्री के नाम से कोई फर्म भी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद 10 दिसंबर 2016 को बैंक के सर्किल हेड की ओर से सुनील जैन व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में सीबीआई की देहरादून शाखा में मुकदमा दर्ज कराया गया। सीबीआई ने इस मामले में करीब तीन माह में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमा चला जिसमें अभियोजन की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। मुकदमे में बैंक के कुछ कर्मचारी भी आरोपी थे। इस मुकदमे में शुक्रवार को न्यायालय ने सजा सुनाई। न्यायालय ने सुनील जैन को धोखाधड़ी में पांच साल का कठोर कारावास, 35 हजार रुपये जुर्माना, जालसाजी में पांच साल कैद व 35 हजार रुपये जुर्माना और फर्जीवाड़े में दो साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। अदालत ने इससे अलग दोषी पर 75 लाख रुपये जुर्माना भी ठोका है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें