ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
महिला सहकर्मी पर बुरी नजर रखने और अनादर करने के दोषी को न्यायालय ने सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश पंचम गुरुबख्श सिंह की अदालत ने दोषी को न्यायालय चलने तक खड़े रहने और 10 हजार रुपये की सजा सुनाई।
मामला वर्ष 2014 में एक स्थानीय बैंक में सामने आया था। शासकीय अधिवक्ता केके जोशी ने बताया कि उस वक्त महिला कर्मचारी ने अपने बॉस के पीए देवेंद्र सिंह बिष्ट पर आरोप लगाए थे कि वह उस पर बुरी नजर रखता है। साथ ही छेड़छाड़ के भी आरोप लगाए थे। इसके बाद मामला बैंक की इंटरनल कमेटी में चला, लेकिन बिष्ट को दोषमुक्त कर दिया गया। महिला मामले को राज्य स्तरीय समिति में ले गई। समिति की संस्तुति पर न्यायालय के आदेश पर मुकदमा चला। सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने सोमवार को अपना निर्णय सुनाया। बिष्ट को छेड़छाड़ के आरोप से तो मुक्त कर दिया गया, लेकिन महिला की लज्जा का अनदार करनेे (आईपीसी 509) में न्यायालय चलने तक खड़े रहने की सजा सुनाई। यही सजा उसे गाली गलौच करने के दोष में भी सुनाई गई। इसके अलावा दोनों धाराओं में पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।