सचिन ने ही चलाई थी आदेश पर पहली गोली
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। रेत बजरी कारोबारी आदेश बालियान पर पहली गोली सचिन ने ही चलाई थी। इसके बाद उसके दोनों साथियों ने आदेश के सीने में एक के बाद एक कई गोलियां उतारकर दीं। बृहस्पतिवार को पुलिस ने इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी सचिन तोमर को भी गिरफ्तार कर कहानी का पटाक्षेप कर दिया। सचिन ने ही यह सब बातें पुलिस को बताईं। इस हत्याकांड में शामिल सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गत 18 सितंबर को करीब 11 बजे रायपुर थाना क्षेत्र के बालावाला स्थित एक प्लाट में बाइक सवार बदमाशों ने गोलियां मारकर आदेश बालियान की हत्या कर दी थी। आदेश मूलरूप से मुजफ्फरनगर जिले के गांव सोरम का रहने वाला था। आदेश के परिजनों ने बागपत जिले के गांव बिराल निवासी सचिन तोमर पर शक जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की तो परिजनों का शक यकीन में बदल गया। जांच करने पर पुलिस को पता चला कि सचिन ने हत्या करवाई नहीं बल्कि गोली मारने वालों में वह खुद भी शामिल था। पुलिस ने 22 सितंबर को सचिन के गांव निवासी अमित तोमर, 23 को रोहित तोमर और 28 सितंबर को दो अन्य बदमाश अनुज और अजित को गिरफ्तार कर लिया था।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि इन सभी बदमाशों से जो जानकारियां मिली थीं उनकी गहनता से जांच की गई। इसके बाद एसओजी ने उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों की पुलिस के साथ भी सामंजस्य स्थापित किया, जिसमें उन्हें कई सुराग मिले, जिनके आधार पर बुधवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि सचिन ऋषिकेश आ रहा है। इस पर पुलिस ने ऋषिकेश आने जाने वाली बसों व अन्य वाहनों की सघन चेकिंग की। इस दौरान सचिन एक बस से उतरा तो पुलिस ने उसे दबोच लिया। सचिन ने पुलिस को बताया है कि उसी ने आदेश पर पहली गोली चलाई थी। इसके बाद उसके साथियों ने आदेश पर गोलियां बरसाईं थी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर 315 बोर का एक तमंचा और दो कारतूस भी बरामद किए हैं।
कई शहरों में ली सचिन ने शरण
हत्या करने के बाद सचिन सीधा अपने गांव चला गया था। वह अपने घर न जाकर अपने एक दोस्त के घर रुका था। इसके बाद वह पड़ोस के एक गांव में चला गया। जांच में पुलिस को पता चला है कि सचिन चार दिन गाजियाबाद रहा और फिर नोएडा में एक रिश्तेदार के घर पर कुछ दिन गुजारे। इसके बाद वह पिछले एक सप्ताह से राजस्थान के राजगढ़ में रह रहा था।