ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। आपसी विवाद में पत्नी को चाकू घोंपकर मौत के घाट उतारने वाले व्यक्ति को न्यायालय ने दोषी करार दे दिया है। बृहस्पतिवार को अपर जिला जज प्रथम राजीव कुमार की अदालत दोषी को सजा का एलान करेगी।
मामला लगभग चार साल पुराना है। जिला शासकीय अधिवक्ता जया ठाकुर ने बताया कि सागर उर्फ बबलू का दिव्या से प्रेम विवाह हुआ था। शादी के पांच साल बाद दोनों में झगड़ा हो गया। झगड़ा इतना बढ़ा कि मामला अदालत तक जा पहुंचा। दोनों एक-दूसरे को तलाक देने के लिए पारिवारिक न्यायालय में मुकदमा लड़ रहे थे। इसी बीच दिव्या ससुराल छोड़कर अपने पिता के साथ डिफेंस कॉलोनी में रहने लगी। 25 नवंबर 2014 को सागर, दिव्या से मिलने पहुंच गया। उसने गेटकीपर को कहा कि दिव्या को बुला लाए। इसके बाद दिव्या अपने पिता जोजेफ के साथ गेट पर आई। गेट पर दोनों में फिर विवाद हो गया। दोनों एक-दूसरे को गाली गलौज करने लगे। इसी दौरान सागर ने दिव्या के पेट में चाकू घोंप दिया। लहूलुहान दिव्या को सीएमआई अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पुलिस ने दिव्या के पिता की ओर से मुकदमा दर्ज कर सागर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने करीब डेढ़ माह बाद चार्जशीट दाखिल की। अधिवक्ता जया ठाकुर ने बताया कि मुकदमे में अभियोजन की ओर से कुल 10 गवाह पेश किए थे। इनकी गवाही और चाकू की फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने सागर को दोषी करार दिया है।