नए साल पर 108 सेवा का होगा नया अंदाज
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
नए साल पर 108 एंबुलेंस सेवा में सुधार और बदलाव देखने को मिलेगा। शासन ने चरणबद्ध तरीके से 108 एंबुलेंस बेड़े को नया करने की योजना बनाई है, जिसके तहत 2018 में करीब 61 नई एंबुलेंस बेड़े में शामिल होंगी। इसके अलावा घटनास्थल पर एंबुलेंस जल्द से जल्द पहुंचे इसके लिए रिस्पांस टाइम सुधारने की भी तैयारी है।
राज्य में मार्च 2008 में खंडूरी सरकार के समय 108 एंबुलेंस सेवा शुरू हुई थी। 2011 में मांग बढ़ने पर नई एंबुलेंस खरीदी गईं। इसके बाद सेवा में सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के हिसाब एंबुलेंस को तीन साल या डेढ़ लाख किमी की दूरी तय करने का नियम है, लेकिन मौजूदा 139 एंबुलेंस के बेड़े में बड़ी संख्या में वाहन पांच लाख किमी से ज्यादा की दूरी तय कर चुके हैं। इसके अलावा सेवा संचालित करने वाली संस्था के भुगतान को लेकर भी खींचतान और सेवा बंद करने जैसी स्थिति आती रहती है।
बहरहाल, अब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद 108 सेवा में सुधार की कोशिश शुरू हुई है। इसके तहत दो से तीन सालों के अंदर चरणबद्ध तरीके 108 एंबुलेंस के बेड़े को नया करना है। इसके तहत पहले चरण में 61 नई एंबुलेंस की खरीद की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसमें एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम वाली एंबुलेंस भी बेड़े में शामिल की जाएगी। मार्च 2018 में 108 एंबुलेंस का संचालन करने वाली कंपनी से करार भी खत्म हो रहा है। आखिरी वक्त में कोई समस्या न आए, इसके लिए नया अनुबंध करने की भी प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
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रिस्पांस टाइम में सुधार
अभी सामान्य तौर पर घटनास्थल पर एंबुलेंस का पहुंचने का औसत समय मैदान क्षेत्र में 27 और पहाड़ में 35 मिनट है। अब शासन की मंशा इस रिस्पांस टाइम में सुधार करने की है। इसमें मैदानी क्षेत्र में रिस्पांस टाइम को 15 मिनट करना है। इसी तरह पहाड़ में भी सुधार करना है। इसके साथ ही शासन उन जगहों को भी चिह्नित कर रहा है, जहां पर एंबुलेंस सेवा नहीं है या कम है। उन जगहों पर भी नए साल से 108 एंबुलेंस सेवा शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है।
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सर्विस एग्रीमेंट होगा
अभी एंबुलेंस सेवा देने वाली जीवीके कंपनी नो प्रॉफिट न लॉस पर सेवा संचालित करती हे। अब सेवा में सुधार के लिए शासन की मंशा सर्विस एग्रीमेंट करने की है। जो नया करार होगा, उसमें सर्विस एग्रीमेंट की व्यवस्था होगी। सर्विस एग्रीमेंट के तहत 108 सेवा में सुधार करने की तैयारी है। शासन एंबुलेंस संचालित करने वाली संस्था को आवश्यकतानुसार पैरामेडिकल स्टाफ, नर्स व अन्य कर्मी उपलब्ध कराएगा।
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर 108 सेवाओं को और बेहतर करने के लिए कई योजनाएं बनाई गई है। बेड़े को नया करने के साथ ही उसके रिस्पांस टाइम में सुधार पर फोकस है। पहली बार सर्विस एग्रीमेंट भी किया जाएगा। इसमें दक्ष और पेशेवर लोगों को शामिल किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर शासन कर्मियों को उपलब्ध करायेगा। शासन उन जगहों को भी चिह्नित कर रहा है, जो कि 108 सेवा से छूट गए हैं, उन जगहों पर भी एंबुलेंस सेवा देने की मंशा है। क्रमवार एंबुलेंस की संख्या भी बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
-नितेष झा, सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा-शिक्षा