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सेल्फी की हाजिरी 50 लाख के प्रस्ताव में अटकी

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सेल्फी की हाजिरी 50 लाख के प्रस्ताव में अटकी
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की मोबाइल फोन से सेल्फी लेकर हाजिरी लगाने की योजना रख-रखाव के 12 लाख रुपये सालाना बजट में अटक रही है। इसके साथ कंपनी के सॉफ्टवेयर बनाने के लिए 38 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजे जाने की भी चर्चा है। बताया जा रहा है कि कंपनी के 50 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजे जाने के बाद फाइल जहां की तहां रुक गई है। इसे निदेशक, महानिदेशक और सचिव को नहीं भेजा गया है।
मोबाइल फोन से सेल्फी लेकर हाजिरी लगाने संबंधी उज्जवल एप का प्रस्तुतिकरण पिछले दिनों सचिवालय में विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय की बैठक में किया गया था। यह प्रस्तुतिकरण हरिद्वार के उप शिक्षाधिकारी बृजपाल राठौर ने किया। इसे लागू करने के लिए मंत्री ने सहमति भी जता दी। उसके बाद राठौर को निदेशालय में एक चैंबर आवंटित कर दिया गया। इसके साथ ही निदेशालय के अधिकारियों को इस संबंध में प्रशिक्षण भी दिया गया।
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यह कहा गया था कि अधिकारियों के प्रशिक्षण लेने के बाद जिलों और ब्लाकों के अधिकारियों और बाद शिक्षकों को सेल्फी लोड करके हाजिरी लगाने के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभागीय सूत्रों ने बताया कि इसी बीच कंसलटेंसी करने वाली कंपनी ने एप और इसके रख-रखाव के संबंध में 50 लाख का प्रस्ताव भेज दिया। रख-रखाव का सालाना खर्च 12 लाख रुपये बताया गया। बजट प्रस्ताव को लेकर विभाग में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। आला अधिकारियों तक जब बात पहुंची तो तो फिलहाल फाइल रोके रखने के लिए कहा। इस संबंध में महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने पूछने पर बताया कि अगर ऐसा है तो एप का बजट बहुत अधिक बताया जा रहा है। इतने अधिक बजट को स्वीकारना मुश्किल है। विभाग के पास अपना पोर्टल है जिस पर काम किया जा रहा है।
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