मंगलवार को एसपी सिटी ममता वोहरा से मिलने पहुंचे परिजन ने दो सुसाइड नोट दिखाए। जानकारी दी कि दीपेश की नेकर को उसकी मां धो रही थी, तब उसे जेब से यह दो सुसाइड नोट मिले थे। सुसाइड नोट में छात्र ने अपने शिक्षक देवीदत्त कांडपाल और प्रकाश चंद्र तिवारी पर जिंदगी बर्बाद करने का आरोप लगाया और लिखा है कि इसलिए वह पूरे होश हवास में सुसाइड कर रहा है।
एसपी सिटी के निर्देश पर हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने पिता पंकज शर्मा की तहरीर पर शिक्षकों के खिलाफ प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। नगर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि छात्र के हस्तलेखन का मिलान सुसाइड नोट से कराया जाएगा।
छात्र ने आखिर सुसाइड क्यों किया। यह सवाल अब भी जस का तस है। भले ही सुसाइड नोट के आधार पर शिक्षकों के उत्पीड़न करने की बात सामने आई है, लेकिन यह बात साफ नहीं हो सकी है कि आखिर छात्र का उत्पीड़न वह क्यों करते थे। इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस का फोकस अब छात्रावास से इस सवाल का जवाब ढूंढने में है। क्योंकि छात्रावास से ही इस सवाल का जवाब मिल सकता है।