नगर निगम के पार्षदों को अब आखिरी वर्ष में विकास कार्यों के लिए बीस-बीस लाख रुपये मिलेंगे। बुधवार को हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त बैठक में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि जरूरत पड़ने पर हर महीने बोर्ड बैठक का आयोजन किया जाएगा। अभी हर छह माह में बोर्ड होती है।
दरअसल, निगम के पार्षदों से हर साल बीस लाख रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव मांगे जाते हैं। यह निगम बोर्ड के कार्यकाल का आखिरी वर्ष माना जा रहा है। इस कार्यकाल के बीस लाख रुपये के प्रस्तावों को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है। अब बोर्ड बैठक में आखिरी वर्ष में पार्षदों को विकास कार्यों के लिए बीस-बीस लाख रुपये के अतिरिक्त कार्यों की स्वीकृति दे दी गई है। कुल मिलाकर इस साल पार्षदों को विकास कार्यों के लिए चालीस लाख रुपये मिले हैं। इसका प्रस्ताव निगम में नेता प्रतिपक्ष डॉ.विजेंद्र पाल ने रखा था।
इन प्रस्तावों पर लगी सदन की मोहर
-डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए 58 नए वाहनों का क्रय
- शीशमबाड़ा सॉलिड वेस्ड मैनेजमेंट प्रोसेसिंग प्लांट को अपग्रेड करने के लिए नए मशीनों की व्यवस्था
- इंदौर, अहमदाबाद, सूरत की भांति देहरादून में भी मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन की स्थापना
- यूआईडी फंड के अंतर्गत निगम निगम सीमा के प्रत्येक वार्ड में विकास कार्य कराए जाने के लिए प्रस्ताव
- अपर नवादा में बीएसएनएल को फोर जी टावर लगाने के लिए 200 मीटर जमीन निशुल्क देना
- औद्योगिक विकास के लिए सिडकुल को सशुल्क जमीन देना
- एनजीओ की माध्यम से गो-सदनों की स्थापना
- आईटीबीपी मछली तालाब का सौदर्यीकरण
-शहर के मुख्य मार्गों की सफाई के लिए रोड स्वीपिंग मशीन की खरीद
- शहर में पांच पार्कों की स्थापना
-निगम क्षेत्र में वेडिंग जोन की स्थापना
-नगर निगम परिसर में अतिरिक्त कार्यालय भवन बनाए जाने का प्रस्ताव
- हर्रावाला और नथुवाला की तर्ज पर आत्मनिर्भर वार्ड बनाना
- निगम के पार्कों के रखरखाव का कार्य आउटसोर्स पर दिए जाना
- निगम के लंबित वादों को निपटाने के लिए लीगल सेल की स्थापना
कैंटोमेंट क्षेत्र के सिविल एरिया को नगर निगम में शामिल करने का विरोध
देहरादून। कैंटोमेंट क्षेत्र के सिविल एरिया को नगर निगम के वार्डों में शामिल करने का पार्षदों ने विरोध किया है। पार्षदों का कहना है कि पहले ही नगर निगम का क्षेत्र काफी बड़ा हो चुका है और विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। ऐसे में कैंट क्षेत्रों के सिविल एरिया को निगम में शामिल कर वार्डों की संख्या और बढ़ाना गलत है।
दरअसल, केंद्र सरकार कैट बोर्डों को खत्म करने की कार्रवाई कर रही है। इसके तहत कैंट क्षेत्रों के सिविल एरिया को नगर निगमों या नगर पालिकाओं में शामिल किया जाना है। नगर आयुक्त ने बताया कि कैंट क्लेमेंटटाउन का प्रस्ताव निगम में आया है। उन्होंने इस संबंध में बोर्ड से अनुमति लेने को कहा है। इस पर पार्षदों ने कैंट के सिविल क्षेत्रों को नगर निगम में शामिल करने का विरोध किया। जिसके बाद प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया।
वेडिंग जोन में 50 प्रतिशत दुकानें स्थानीय लोगों को
देहरादून। नगर निगम वार्डों में स्मार्ट वेडिंग जोन का निर्माण कर रहा है। निगम के विभिन्न क्षेत्रों में तैयार करने के लिए पांच करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान हैं। इसको लेकर बोर्ड में प्रस्ताव लाया गया था। जिसको भी इस शर्त के साथ पारित कर दिया गया कि वेडिंग जोन में पचास प्रतिशत दुकानें स्थानीय लोगों को दी जाएंगी। अधिकांश पार्षदों ने वेडिंग जोन बनाने पर अपनी सहमति दी। हालांकि कुछ पार्षदों ने अपने क्षेत्र में वेडिंग जोन बनाने का विरोध भी किया। साथ ही छह नंबर पुलिया के सामने वेडिंग जोन की व्यवस्था सुधारने की मांग की।
सफाई कर्मचारियों के तीन हजार पद होंगे सृजित
देहरादून। नगर निगम तीन हजार सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति करेगा। इसके लिए जल्द ही निगम शहरी विकास विभाग को पत्र प्रेषित करेगा। दरअसल, अभी तक प्रति हजार लोगों पर दो सफाई कर्मचारी का मानक शहरी विकास विभाग ने तय किया है, लेकिन यह मानक वर्ष 2011 की जनसंख्या पर आधारित है। जबकि वर्तमान में निगम की जनसंख्या 15 लाख तक हो चुकी है। ऐसे में निगम में करीब 3 हजार सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता है। निगम जल्द ही इसका प्रस्ताव शहरी विकास विभाग को भेजेगा।
झंडारोहण में न बुलाने पर पार्षदों ने जताया आक्रोश
देहरादून। पंद्रह अगस्त को झंडारोहण में पार्षदों को आमंत्रित न करने पर पार्षदों ने आक्रोश जताया। कहा कि नगर निगम के अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं। हर वर्ष पार्षदों को झंडारोहण के लिए आमंत्रित किया जाता था, लेकिन इस बार किसी भी पार्षद को नहीं बुलाया गया। इधर नगर आयुक्त ने खेद जताते हुए अधिकारियों से भविष्य में इस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।