राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने शनिवार को नगर निगम कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) का मैन्युअल मांगा तो कर्मचारी और अधिकारी शहरी विकास विभाग के मैन्युअल दिखाने लगे। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देकर छह महीने के अंदर सभी मैन्युअल तैयार करने के निर्देश दिए। कहा, आरटीआई को बोझ नहीं बल्कि जिम्मेदारी समझें।
राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट शनिवार सुबह दस बजे नगर निगम दफ्तर पहुंचे। उन्होंने नगर आयुक्त मनुज गोयल के साथ बैठक की और आरटीआई के तहत की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद निगम में आरटीआई प्रकोष्ठ से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर प्रावधानों के बारे में चर्चा की। निर्देश दिए कि सूचना देने में कोताही न बरती जाए। सूचना मांगने वालों को भटकाया न जाए।
इसके बाद उन्होंने भूमि अनुभाग, रिकॉर्ड रूम, कर अनुभाग और आरटीआई प्रकोष्ठ का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम से लोगों को काफी उम्मीदें रहती है। देखा जा रहा है कि आरटीआई को लेकर सरकारी विभागों में नकारात्मक वातावरण है। इसे बदलना होगा। नगर आयुक्त मनुज गोयल ने कहा कि पहले निगम में आरटीआई के लिए अलग-अलग प्रकोष्ठ बनाए गए थे। लेकिन, सूचना आयुक्त के निर्देश पर ही अब सभी सूचनाओं के लिए एकल व्यवस्था लागू कर दी गई है। इस दौरान अपर नगर आयुक्त जगदीश लाल, रोहिताश खन्ना, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खन्ना, सहायक नगर आयुक्त विजय जोशी आदि मौजूद रहे।
पेंसिल से लगाई गई थी अनुपस्थिति
भूमि अनुभाग में जब उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर चेक किया तो कुछ कर्मचारियों की अनुपस्थिति पेंसिल से दर्ज की गई थी। जिस पर उन्होंने निर्देश दिए कि सही तरीके से अनुपस्थिति दर्ज कराए।